मनीषा शर्मा। दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने जजों के चयन की पारदर्शिता पर चिंता जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जजों के चयन के लिए एक खुली परीक्षा होनी चाहिए। मीणा का मानना है कि जो व्यक्ति इस परीक्षा के माध्यम से चयनित होगा, वह किसी भी सरकार के दबाव में काम नहीं करेगा, और देश के कानून और संविधान के प्रति निष्ठा रखेगा।
कॉलेजियम सिस्टम पर मुरारीलाल मीणा के विचार
मुरारीलाल मीणा का कहना है कि मौजूदा कॉलेजियम सिस्टम के तहत जो जज चुने जाते हैं, वे बड़े नेताओं को खुश रखने के लिए उन्हीं की बात करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जज बनने के लिए आवश्यक पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी है, जिससे जनता का विश्वास न्याय व्यवस्था पर कम हो रहा है। इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि मीणा न्यायिक प्रणाली में सुधार के समर्थक हैं और वे चाहते हैं कि जजों का चयन पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो।
राहुल गांधी के खिलाफ बयानबाजी पर प्रतिक्रिया
मुरारीलाल मीणा ने केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। इस बयान के विरोध में दौसा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया और केंद्रीय मंत्री का पुतला जलाया। मीणा ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सच में देशहित की बात करते हैं, तो उन्हें राहुल गांधी के खिलाफ दिए जा रहे बयानों पर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयानबाजी मोदी के इशारे पर की जा रही है, जिससे देश का माहौल बिगाड़ा जा रहा है।
बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला
अपने भाषण में मुरारीलाल मीणा ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ये लोग खतरनाक हैं और देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “बीजेपी के लोग राष्ट्रभक्ति की बात करते हैं, लेकिन आजादी के आंदोलन के समय इनमें से किसी ने भी कोई योगदान नहीं दिया।” उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को मानवता रहित बताते हुए कहा कि वे जाति और धर्म के नाम पर विवाद पैदा कर सत्ता में आना चाहते हैं।
आतंकवाद और बुलडोजर कार्रवाई पर टिप्पणी
मीणा ने आरोप लगाया कि बीजेपी का नेतृत्व खुद आतंकवाद फैलाना चाहता है और वह देश का वातावरण खराब कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी का मुखिया ही गलत रास्ते पर है, तो उसके अनुयायी भी वही रास्ता अपनाते हैं। मीणा ने सुप्रीम कोर्ट की बुलडोजर कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार जानबूझकर ऐसा माहौल बना रही है, जिसमें उन्हें अपने विरोधियों को दबाने का मौका मिले।
लोकसभा में बीजेपी की स्थिति
दौसा सांसद ने लोकसभा में बीजेपी की हालत पर चर्चा करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी पहली बार अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मोदी 15 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री और 10 साल तक प्रधानमंत्री रहे, तब किसी ने उन्हें चुनौती नहीं दी। लेकिन अब स्थिति बदल गई है और विपक्ष मोदी को लोकसभा में हर मुद्दे पर घेर रहा है।
आने वाले चुनावों में बीजेपी की चुनौती
मुरारीलाल मीणा ने भाजपा की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आने वाले उपचुनाव में भाजपा की हालत पूरी तरह खराब है। उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी बीजेपी की विदाई तय है। दौसा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच में टिकट वितरण पर चर्चा करते हुए मीणा ने कहा कि टिकट का फैसला सभी कार्यकर्ताओं और इकाई अध्यक्षों से परामर्श के बाद ही किया जाएगा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तैयारी
मीणा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे आगामी चुनाव के लिए पूरी तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता बीजेपी के विधायकों के बराबर खड़ा है और यदि कांग्रेस कार्यकर्ता मजबूती से डटे रहे, तो बीजेपी को चुनाव जीतने नहीं देंगे।
मुरारीलाल मीणा का यह बयान साफ दर्शाता है कि वे सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम सिस्टम से लेकर भाजपा के नेतृत्व तक पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे चुनाव में भाजपा का पूरी ताकत से मुकाबला करें और देश में सही राजनीति की दिशा में कदम बढ़ाएं।