मनीषा शर्मा, अजमेर। राजस्थान में मानसून का असर अब भी जारी है, और शनिवार को जयपुर समेत कई जिलों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश देखने को मिली। अजमेर में भारी बारिश के कारण स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है, और मौसम विभाग ने पांच जिलों—अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, दौसा, और शेखावाटी क्षेत्र के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश सामान्य से 56 प्रतिशत अधिक हो चुकी है, जो कि इस क्षेत्र के लिए असाधारण स्थिति है।
बीसलपुर डैम के गेट खोले गए
बीसलपुर डैम के कैचमेंट एरिया में हो रही तेज बारिश के कारण शुक्रवार को इसके चार गेट खोले गए। इससे आसपास के क्षेत्रों में पानी का स्तर बढ़ने की आशंका भी है। अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर और दौसा में पिछले दिन भी भारी बारिश दर्ज की गई थी, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, 9-10 सितंबर के बाद राज्य में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है, लेकिन तब तक तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। राजस्थान में इस बार सामान्य से अधिक बारिश हुई है। 1 जून से 6 सितंबर तक राज्य में औसतन 395MM बारिश होती है, जबकि इस साल 615MM बारिश दर्ज की गई है।
जयपुर में ट्रैफिक और सड़कों पर जलभराव
शनिवार सुबह जयपुर में बारिश का सिलसिला 7 बजे से शुरू हुआ और 10 बजे तक जारी रहा। इस मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। मालवीय नगर, भांकरोटा, झोटवाड़ा और अन्य इलाकों में सड़कों पर एक फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई है।
महारानी फार्म इलाके में द्रव्यवती नदी का पानी सड़कों पर आ गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन बाधित होने की खबरें भी आई हैं।
भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना लो-प्रेशर सिस्टम भी प्रभावी हो रहा है। इन दोनों सिस्टमों के चलते पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून अगले 2-3 दिनों तक सक्रिय रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने कहा कि उदयपुर, अजमेर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना है।
बीते 24 घंटों की बारिश का आंकड़ा
पिछले 24 घंटों के दौरान अजमेर में 71MM, पुष्कर में 40MM, जवाजा में 47MM, मांगलियावास में 60MM, टोंक के देवली में 50MM, जयपुर के कोटपूतली में 64MM, जमवारामगढ़ में 33MM, सीकर के खंडेला में 46MM, झुंझुनूं के मलसीसर में 43MM, उदयपुरवाटी में 45MM, प्रतापगढ़ के धरियावद में 52MM, दौसा के रामगढ़ पचवाड़ा में 63MM, और बसवा में 82MM बारिश दर्ज की गई।
मानसून की सक्रियता और प्रभाव
राजस्थान में इस साल मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहा है, जिसके चलते पूरे राज्य में सामान्य से 56 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। हालांकि, इस बढ़ी हुई बारिश से जहां खेतों में फसल को फायदा हुआ है, वहीं जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों ने कई इलाकों में जीवन को प्रभावित किया है। बीसलपुर डैम जैसे महत्वपूर्ण जल स्रोतों में भी जलस्तर बढ़ गया है, जिसके चलते आसपास के क्षेत्रों में जल प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
बारिश से बचाव के लिए सावधानी
भारी बारिश के चलते लोगों को जलभराव और बाढ़ की स्थितियों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जयपुर, अजमेर और अन्य जिलों में प्रशासन ने आपातकालीन सेवाएं सक्रिय कर दी हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है, खासकर उन इलाकों में जहां भारी बारिश के कारण ट्रैफिक और आवागमन बाधित हुआ है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग का अनुमान है कि 9-10 सितंबर के बाद राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम होंगी और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, तब तक पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा और भारी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।
प्रशासन की तैयारी
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने भारी बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयारी कर ली है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में फील्ड टीमें तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत प्रदान की जा सके। राजस्थान में भारी बारिश के चलते सामान्य जीवन काफी हद तक प्रभावित हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
राजस्थान में इस बार का मानसून सामान्य से काफी अधिक सक्रिय रहा है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, भारी बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली बाढ़ और जलभराव जैसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन ने अपनी ओर से पूरी तैयारी कर ली है। लोगों को भी सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।


