मनीषा शर्मा। राजस्थान, जो अपनी विषम भौगोलिक परिस्थिति और भूजल की कमी से जूझ रहा है, अटल भूजल योजना के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है। भूजल मंत्री कन्हैया लाल ने बुधवार को जयपुर में आयोजित एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बताया कि अटल भूजल योजना के तहत राजस्थान अब सातवें स्थान से उठकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नवीन जल नीतियों और सामुदायिक सहभागिता से जल के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रदेश अग्रसर है। यह योजना प्रदेश के 17 जिलों में संचालित हो रही है और इसका मुख्य उद्देश्य गिरते भूजल स्तर को रोकना है। भूजल मंत्री ने जोर दिया कि सिंचाई के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों का उपयोग करके पानी बचाया जा सकता है और वर्षा जल का संचयन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने भी जल प्रबंधन और संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। एनपीएमयू नई दिल्ली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रतुल सक्सेना और अन्य विशेषज्ञों ने राजस्थान के भूजल संरक्षण के प्रयासों की सराहना की और योजना के तहत मार्च 2025 तक सभी कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


