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जयपुर जन्माष्टमी, गोविंद देवजी में 900 किलो पंचामृत अभिषेक

जयपुर जन्माष्टमी, गोविंद देवजी में 900 किलो पंचामृत अभिषेक

मनीषा शर्मा। जयपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां पूरे उत्साह और भक्ति भाव से चल रही हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों—गोविंद देवजी, गोपीनाथजी, राधा-माधव जी, अक्षयपात्र और मानसरोवर इस्कॉन मंदिर—में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी और पूरे शहर में भक्ति का माहौल रहेगा।

मंदिरों को फूलों, बंदनवार और रंग-बिरंगी लाइटों से खूबसूरती से सजाया गया है। भक्तों के सुगम दर्शन के लिए अलग-अलग लाइनों और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, वहीं ट्रैफिक को भी कई मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। मंगला झांकी के साथ सुबह ठाकुर जी के दर्शन आम लोगों के लिए प्रारंभ हो जाएंगे और दिनभर विभिन्न झांकियां देखने को मिलेंगी। भगवान को इस दिन नई पोशाक पहनाई जाएगी और विशेष फूलों से श्रृंगार किया जाएगा।

चौड़ा रास्ता स्थित राधा माधव मंदिर में जन्मोत्सव का आयोजन दोपहर 1 बजे होगा। इस अवसर पर 21 तोपों की सलामी, बैंड-बाजे और आतिशबाजी के साथ ठाकुर जी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं, गोविंद देवजी मंदिर में इस बार ठाकुर जी पूरे 13 घंटे तक भक्तों को दर्शन देंगे, जो साल का सबसे लंबा दर्शन समय है। मंगला झांकी सुबह 4:30 बजे से 6:45 बजे तक होगी, जिसमें श्रद्धालु ढाई घंटे तक दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद धूप झांकी 7:30 से 9:30 बजे तक और शाम की ग्वाल झांकी 4:00 से 6:30 बजे तक होगी।

दर्शन के लिए तीन अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं—पास धारकों के लिए, बिना जूते-चप्पल वाले आमजन के लिए, और जूते-चप्पल वाले आमजन के लिए। जलेबी चौक से आने वाले श्रद्धालुओं का निकास जय निवास बाग पूर्वी द्वार से होगा, जबकि ब्रह्मपुरी और कंवर नगर से आने वालों का निकास चिंताहरण हनुमान मंदिर होते हुए जय निवास बाग पश्चिम द्वार से किया जाएगा। दर्शन पास और जगमोहन पास धारक सुबह 4:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। रात्रि 10:00 से 11:00 बजे तक अभिषेक दर्शन पास धारकों को प्रवेश मिलेगा, उसके बाद पास अमान्य होगा।

श्रीकृष्ण जन्म के पावन क्षण पर रात्रि 12:00 बजे 31 तोपों की हवाई गर्जना के साथ शंखनाद किया जाएगा और आकर्षक आतिशबाजी होगी। वेद पाठ और शालिग्राम पूजन के बाद 900 किलो पंचामृत से ठाकुर जी का जन्माभिषेक किया जाएगा। इस पंचामृत में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद का मिश्रण होगा। भोग में पंजीरी लड्डू, खिरसा और रबड़ी कुल्हड़ अर्पित की जाएगी। अभिषेक के बाद जय निवास बाग स्थित मंच से निशुल्क चरणामृत और पंजीरी वितरण किया जाएगा।

इस पूरे आयोजन की व्यवस्था में करीब 3000 कार्यकर्ता और 150 स्काउट्स तैनात रहेंगे। इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, अध्यापक और बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी शामिल होंगे। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े युवा भी सेवा देंगे। सुगम दर्शन के लिए 13 एलईडी स्क्रीन और 8-10 मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं, जबकि सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।

भक्तों से मंदिर आने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखने का अनुरोध किया गया है। मंदिर में प्रसाद, फल, मिठाई, नारियल, लैपटॉप और कैमरा लाना वर्जित रहेगा। सभी से भारतीय परिधान पहनने, जूते-चप्पल और हेलमेट बाहर छोड़ने का आग्रह किया गया है। कीमती आभूषण और सामान साथ न लाने की सलाह दी गई है। हृदय रोग, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, सांस संबंधी या गंभीर बीमारियों से पीड़ित भक्तों को भीड़ से बचने और ऑनलाइन दर्शन का विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत मंदिर या पुलिस प्रशासन को देने का अनुरोध किया गया है।

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