शोभना शर्मा। राजस्थान में सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 21 (बीकानेर-आगरा हाईवे) पर महुवा से जयपुर के बीच आने वाले नौ ब्लैक स्पॉट्स पर कुल 9,480 मीटर लंबे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसके लिए 184 करोड़ 98 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्य आदेश जारी कर दिए हैं। निर्माण एजेंसी ने सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है, जबकि दीपावली के बाद परियोजना का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
दुर्घटनाओं पर लगेगा अंकुश, जाम से मिलेगी राहत
महुवा से जयपुर के बीच यह मार्ग अत्यधिक व्यस्त और दुर्घटनाग्रस्त माना जाता है। यहां के कई चौराहों और कट्स पर आए दिन सड़क हादसे होते रहे हैं।
इन ब्लैक स्पॉट्स पर ओवरब्रिज बनने से न केवल दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी बल्कि यातायात सुगम और तेज़ हो सकेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद हाइवे पर जाम की समस्या में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। खासकर मेहंदीपुर बालाजी, मानपुर चौराहा, दौसा बायपास, बस्सी और कानोता क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, “इन स्थानों पर प्रतिदिन सुबह और शाम के समय कई किलोमीटर लंबा जाम लगता है, जिससे आमजन और यात्रियों को भारी परेशानी होती है। ओवरब्रिज बनने से इस परेशानी से स्थायी रूप से मुक्ति मिलेगी।”
कंपनी ने शुरू की प्रारंभिक तैयारियां
परियोजना के लिए चयनित निर्माण एजेंसी ने सर्वे और प्लांट लगाने का कार्य शुरू कर दिया है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर भरतसिंह जोइया ने बताया कि “अनुबंध और एलओआई की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दीपावली के बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी ताकि परियोजना समयावधि में पूर्ण हो सके।”
उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्वाइंट्स पर सर्वे के साथ डायवर्जन रोड तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है, ताकि निर्माण कार्य के दौरान आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
डायवर्जन रोड से नहीं रुकेगा यातायात
चूंकि यह मार्ग अत्यधिक व्यस्त है, इसलिए निर्माण कार्य शुरू होने से पहले सभी स्थानों पर अस्थायी डायवर्जन रोड बनाए जाएंगे।
इससे वाहनों की आवाजाही पर असर नहीं पड़ेगा और निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकेगा।
NHAI के अधिकारियों के अनुसार, “डायवर्जन रोड की स्वीकृति और अनुमोदन प्रक्रिया अंतिम चरण में है, और उम्मीद है कि अक्टूबर के अंत तक सभी व्यवस्थाएं पूरी हो जाएंगी।”
कुल 9 स्थानों पर होंगे ओवरब्रिज, यह रहे प्रमुख स्थल
राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर बनने वाले ओवरब्रिजों की लंबाई और स्थान इस प्रकार हैं –
मेहंदीपुर बालाजी मोड़ पर – 870 मीटर
मानपुर चौराहा – 860 मीटर
दौसा बायपास से कलक्ट्रेट चौराहे तक – 1760 मीटर
जीरोता कट – 1190 मीटर
पुलिस लाइन दौसा – 1200 मीटर
बासखो फाटक – 1020 मीटर
बस्सी चक – 960 मीटर
कानोता क्षेत्र – 1620 मीटर
इन ओवरब्रिजों के बनने से मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, नईनाथ धाम, सोमनाथ चौराहा, भांकरी रोड, और दौसा बायपास जैसे व्यस्त मार्गों पर जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी।
सड़क सुरक्षा और गति में सुधार
NHAI अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के पूरा होने के बाद यातायात सुरक्षा, सड़क की गति और यात्रियों की सुविधा में गुणात्मक सुधार होगा।
इन ओवरब्रिजों से न केवल स्थानीय यातायात को सुगम बनाया जाएगा बल्कि लॉन्ग रूट वाहनों के लिए भी यात्रा का समय कम होगा।
दुर्घटनाओं की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील रहा है। अब तक इन ब्लैक स्पॉट्स पर कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। ओवरब्रिज निर्माण के बाद ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण संभव होगा।
कानोता और बस्सी क्षेत्र के लोगों को राहत
जयपुर की दिशा में यात्रा करने वाले बस्सी और कानोता के नागरिकों के लिए यह परियोजना बड़ी राहत साबित होगी।
लगातार जाम की समस्या से जूझ रहे इन इलाकों के लोग अब सुरक्षित और सुचारु यातायात का अनुभव कर सकेंगे।
साथ ही, नईनाथ धाम और बासखो फाटक कट पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी आवागमन में आसानी होगी।
एनएचएआई का लक्ष्य: दीपावली के बाद निर्माण गति पकड़ना
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर भरतसिंह जोइया ने कहा,
“दीपावली के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। इसी माह कार्य आरंभ करने की तिथि तय की जाएगी ताकि परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके। निर्माण एजेंसी द्वारा सभी कागजी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।”
उन्होंने बताया कि परियोजना की प्रगति की निगरानी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है जो हर चरण की समीक्षा करेगी।


