केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी और वेतन ढांचे में बदलाव को लेकर चल रहा इंतजार अब धीरे-धीरे खत्म होने की ओर बढ़ता दिख रहा है। केंद्र सरकार की ओर से 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी गई है, जिसके साथ ही सुझाव लेने की प्रक्रिया भी औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
इस कदम को कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। वेबसाइट के लॉन्च के बाद अब आयोग सीधे तौर पर उन लोगों से सुझाव लेना चाहता है, जिन पर इसके फैसलों का सीधा असर पड़ेगा।
दिल्ली में ऑफिस के बाद वेबसाइट हुई लाइव
कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए दिल्ली में कार्यालय की व्यवस्था सुनिश्चित की थी। यह कार्यालय आयोग के प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों के संचालन का केंद्र बनेगा। इसके तुरंत बाद आयोग की आधिकारिक वेबसाइट को लाइव कर दिया गया है।
वेबसाइट के माध्यम से आयोग ने वेतन संरचना, भत्तों, पेंशन और अन्य सेवा शर्तों से जुड़े सुझाव आमंत्रित किए हैं। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि आयोग अब अपने काम को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा चुका है।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से सीधे सुझाव
8वें वेतन आयोग ने इस बार सुझाव प्रक्रिया को पहले से ज्यादा व्यापक और समावेशी बनाने का निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह केवल मंत्रालयों, सरकारी विभागों और कर्मचारी संगठनों तक सीमित नहीं रहना चाहता। इसके बजाय आम केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी भी सीधे अपनी राय और सुझाव साझा कर सकते हैं।
इसी उद्देश्य से आयोग ने MyGov पोर्टल के साथ साझेदारी की है। MyGov प्लेटफॉर्म के जरिए कोई भी पात्र व्यक्ति अपनी बात आसानी से आयोग तक पहुंचा सकता है। आयोग का मानना है कि जिन कर्मचारियों और पेंशनर्स पर वेतन आयोग के फैसलों का सीधा असर पड़ता है, उनकी भागीदारी बेहद जरूरी है।
सुझाव भेजने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल
आयोग ने साफ तौर पर बताया है कि सुझाव भेजने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। फिजिकल दस्तावेज, पत्र या ईमेल के जरिए भेजे गए किसी भी सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा। सभी सुझाव केवल MyGov पोर्टल या आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
इस व्यवस्था का मकसद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है, ताकि हर सुझाव को रिकॉर्ड में लिया जा सके और उस पर निष्पक्ष रूप से विचार किया जा सके।
गोपनीयता और निष्पक्षता का भरोसा
8वें वेतन आयोग ने सुझाव देने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को गोपनीयता का भरोसा भी दिया है। आयोग के अनुसार, सुझाव देने वालों की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। कर्मचारी बिना किसी दबाव, डर या झिझक के अपने विचार साझा कर सकते हैं।
वेबसाइट के लॉन्च और सुझाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में वेतन बढ़ोतरी और सेवा शर्तों में सुधार को लेकर उम्मीदें तेज हो गई हैं। आने वाले समय में आयोग की सिफारिशों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।


