मनीषा शर्मा। आजकल जब ज्यादातर बच्चे अपना समय मोबाइल गेम खेलने में बर्बाद कर रहे हैं, वहीं राजस्थान के कोटा शहर के 14 वर्षीय छात्र देव प्रताप सिंह चड्ढा ने एक ऐसा कमाल कर दिखाया, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले देव ने अपनी कल्पना और इंजीनियरिंग दिमाग का इस्तेमाल कर जुगाड़ से एक सुपर बाइक तैयार की है। इस बाइक में स्विफ्ट कार और एनफील्ड बाइक के टायर, स्प्लेंडर के शोकर और लोहे के पाइप जैसी कबाड़ सामग्री का उपयोग किया गया है।
देव की यह बाइक 18,000 रुपये के खर्च में बनी और अब फर्राटे से सड़क पर दौड़ रही है।
कैसे आया बाइक बनाने का आइडिया?
कोटा के बजरंग नगर निवासी देव प्रताप सिंह ने बताया कि उनका हमेशा से सपना था कि वह अपनी खुद की बाइक बनाएं। इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने मार्च 2024 में काम शुरू किया। देव ने अपने घर की बालकनी को गैराज में बदल दिया और धीरे-धीरे बाइक को आकार देने लगे।
बाइक बनाने के लिए देव ने कबाड़ से पार्ट्स इकट्ठे किए। इनमें स्विफ्ट कार का टायर, एनफील्ड बाइक का टायर, स्प्लेंडर बाइक की टंकी और शोकर शामिल हैं। इन सबको लोहे के पाइप की मदद से जोड़ा गया।
कम लागत में बड़ी सफलता
देव ने इस शानदार बाइक को बनाने में सिर्फ 18,000 रुपये खर्च किए।
- बाजार में आमतौर पर एक अच्छी मोटरसाइकिल की कीमत 1 लाख रुपये से अधिक होती है।
- देव ने अपने जुगाड़ और मेहनत से मात्र 18,000 रुपये में बाइक बनाकर न केवल पैसे बचाए बल्कि एक नई सोच भी पेश की।
बाइक की विशेषताएं
- टायर: स्विफ्ट कार और एनफील्ड बाइक के मजबूत टायर।
- टंकी: स्प्लेंडर बाइक से ली गई।
- शोकर: स्प्लेंडर के शॉकर इस्तेमाल किए।
- डिजाइन: लोहे के पाइप और कबाड़ से बना मजबूत ढांचा।
- गति: बाइक सड़क पर फर्राटे से दौड़ती है।
एक बहुमुखी प्रतिभा का धनी
देव न केवल जुगाड़ टेक्नोलॉजी में माहिर हैं, बल्कि वह एक नेशनल एथलीट भी हैं।
- देव ने एथलेटिक्स में कई गोल्ड मेडल जीते हैं।
- पढ़ाई के साथ-साथ वह अपने खाली समय में अपने सपनों को पूरा करने में जुटे रहते हैं।
उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे कोटा शहर को गर्व महसूस कराया है।
देव की प्रेरणा और भविष्य की योजना
देव का कहना है कि वह बचपन से ही चीजों को खोलने और उन्हें समझने में रुचि रखते थे। बाइक बनाने के बाद अब उनका अगला लक्ष्य इलेक्ट्रिक बाइक बनाना है।
उन्होंने अपने माता-पिता का भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनकी इस अनोखी सोच को सपोर्ट किया।
देव की कहानी क्यों है प्रेरणादायक?
- बच्चों के लिए प्रेरणा:
देव की इस उपलब्धि से अन्य बच्चों को भी सीखने और अपने समय का सदुपयोग करने की प्रेरणा मिलती है। - कम संसाधनों में बड़ी सफलता:
देव ने दिखाया कि सीमित संसाधनों का उपयोग करके भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। - जुगाड़ की ताकत:
उनकी बाइक जुगाड़ टेक्नोलॉजी का बेहतरीन उदाहरण है।
देव प्रताप सिंह चड्ढा की यह कहानी यह साबित करती है कि यदि आपके पास सपना है और उसे पूरा करने की लगन है, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती। 8वीं कक्षा के इस छात्र ने अपनी मेहनत, रचनात्मकता और जुनून से यह साबित कर दिया कि जुगाड़ टेक्नोलॉजी की मदद से भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उनकी यह सुपर बाइक यकीनन उनके भविष्य के उज्ज्वल करियर की ओर एक कदम है।


