शोभना शर्मा। नेपाल में बीते दिनों भड़की हिंसा के कारण वहां का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था। इस दौरान राजस्थान के झालावाड़ जिले से धार्मिक दर्शन और पर्यटन के लिए गए 8 यात्रियों का दल भी नेपाल में फंस गया। परिवारों की चिंता के बीच अब यह दल सकुशल भारत लौट आया है। यात्रियों के घर लौटने पर परिजनों और परिचितों ने राहत की सांस ली है।
धार्मिक दर्शन के लिए गया था दल
झालावाड़ से गए इस दल में शिक्षा विभाग के अधिकारी और उनकी पत्नियां शामिल थीं। वे नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के साथ अन्य धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को देखने पहुंचे थे। यात्रा सामान्य रूप से शुरू हुई, लेकिन इसी दौरान नेपाल के कई हिस्सों में अचानक हिंसा भड़क उठी। देखते ही देखते हालात तनावपूर्ण हो गए और आम लोगों के साथ यह दल भी असुरक्षा की स्थिति में फंस गया।
हिंसा के बीच सतर्क रहना पड़ा
दल के सदस्य और सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी हरिशंकर शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने नेपाल में अस्थिर माहौल को करीब से देखा। उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए बेहद सतर्क रहना पड़ा। हालांकि, सौभाग्य से उन्हें स्थानीय स्तर पर किसी अप्रिय घटना का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान लगातार बढ़ते तनाव और हिंसा के कारण उनका मन भयभीत रहा और वे खुले तौर पर धार्मिक स्थलों पर घूम नहीं पाए। कई बार उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा।
भारतीय सीमा में लौटे यात्री
काफी प्रयासों के बाद यह दल भारतीय सीमा में सुरक्षित प्रवेश कर चुका है। सभी यात्री सकुशल झालावाड़ लौट आए हैं। उनके परिजन, जो लगातार उनकी सुरक्षा को लेकर परेशान थे, अब चैन की सांस ले रहे हैं। परिवारों का कहना है कि यह घटना उनके लिए बेहद तनावपूर्ण रही क्योंकि नेपाल में हालात बिगड़ने के बाद यात्रियों से सीधा संपर्क करना भी मुश्किल हो गया था।
यात्रा का मिला-जुला अनुभव
यात्रियों ने बताया कि उनकी नेपाल यात्रा का अनुभव मिला-जुला रहा। एक ओर उन्हें नेपाल के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिला, वहीं दूसरी ओर हिंसा और अशांति ने उनकी यात्रा को अधूरा छोड़ दिया।
उनका कहना है कि यह अनुभव उन्हें एक बड़ा सबक देकर गया है। विदेश यात्रा करते समय अचानक उत्पन्न होने वाली आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल जैसे पड़ोसी देश में भी हालात अचानक बिगड़ सकते हैं, इसलिए सुरक्षा उपायों पर पहले से ध्यान देना चाहिए।
प्रशासन और परिचितों की प्रतिक्रिया
झालावाड़ लौटने पर यात्रियों का स्वागत किया गया। उनके सुरक्षित घर पहुंचने पर परिवारजन और परिचित बेहद खुश हुए। प्रशासन की ओर से भी इसे राहत की बात माना गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं यात्रियों को सतर्क करती हैं और विदेश यात्रा से पहले सुरक्षा से जुड़ी जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।


