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77वां गणतंत्र दिवस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश को संदेश, नारी शक्ति, शांति और विकास पर जोर

77वां गणतंत्र दिवस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  का देश को संदेश, नारी शक्ति, शांति और विकास पर जोर

77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया। उन्होंने समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और गौरव की भावना को और अधिक मजबूत करता है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह पवित्र अवसर देश के अतीत, वर्तमान और भविष्य पर आत्ममंथन का अवसर देता है। उन्होंने याद दिलाया कि आज़ादी के बाद भारत ने अपने भविष्य का निर्माण स्वयं करने का अधिकार प्राप्त किया और समय के साथ देश की स्थिति में ऐतिहासिक परिवर्तन आए हैं।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का भी उत्सव

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के साथ-साथ ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का भी उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गीत देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक देशवासियों को प्रेरित किया है।

नारी शक्ति देश के विकास की मजबूत नींव

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भारत की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि:

  • देश में 57 करोड़ जन-धन खातों में से 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम पर हैं

  • 10 करोड़ से अधिक महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से जुड़ी हैं

  • खेल के क्षेत्र में भारतीय बेटियों ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं

उन्होंने महिला क्रिकेट टीम द्वारा ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप और ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीतने का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी शक्ति कानून से महिलाओं का राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण और मजबूत होगा।

राष्ट्रपति के संबोधन की 6 प्रमुख बातें

1. शांति का संदेश

राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय परंपरा हमेशा पूरी सृष्टि में शांति की कामना करती रही है। आज जब दुनिया के कई हिस्सों में अशांति है, तब भारत शांति और भाईचारे का संदेश वैश्विक मंच पर दे रहा है। उन्होंने कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए मातृभूमि के प्रति गर्व व्यक्त किया।

2. विकास में हर वर्ग की भूमिका

उन्होंने कहा कि पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बल आंतरिक सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी सेवा भावना से देशवासियों की सेवा कर रहे हैं। इंजीनियर विकास को गति दे रहे हैं, किसान कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचा रहे हैं और संवेदनशील नागरिक देश को मजबूत बना रहे हैं।

3. नारी सशक्तिकरण

राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना राष्ट्र निर्माण के लिए अनिवार्य है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय प्रयासों से महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

4. ऑपरेशन सिंदूर

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवाद के ठिकानों पर सटीक प्रहार किए गए। थलसेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त शक्ति के बल पर देश की सुरक्षा क्षमता पर देशवासियों को पूरा भरोसा है।

5. राष्ट्रीय मतदाता दिवस

25 जनवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान बेहद जरूरी है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि मताधिकार राजनीतिक शिक्षा का माध्यम है। मतदान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी लोकतंत्र को और सशक्त बना रही है।

6. पर्यावरण संरक्षण

राष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण को आज की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि Lifestyle for Environment (LiFE) भारत की पारंपरिक जीवनशैली से प्रेरित है और भारत ने इस विषय पर विश्व को दिशा दिखाई है। भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी के संसाधनों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

26 जनवरी को भव्य आयोजन

गौरतलब है कि 26 जनवरी को देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन होगा, जहां भारत की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा।

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