राजस्थान की राजधानी जयपुर आज 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवमयी रंगों में सराबोर नजर आई। सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह से लेकर ऐतिहासिक बड़ी चौपड़ की सियासी गलियों तक हर ओर राष्ट्रभक्ति का उत्साह और संविधान के प्रति सम्मान दिखाई दिया। यह गणतंत्र दिवस केवल शौर्य, अनुशासन और सांस्कृतिक विविधता के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार की सौगात के रूप में भी यादगार बन गया।
रोजगार और शुचिता का ‘संकल्प पत्र’
SMS स्टेडियम में तिरंगा फहराने के बाद राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब तक 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। 1.54 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। वर्ष 2026 के लिए 1 लाख नई भर्तियों का कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है। राज्यपाल ने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार ने पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई की है और अब तक 351 परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई हैं। इसे उन्होंने स्वच्छ और ईमानदार शासन की बड़ी उपलब्धि बताया।
एक ही जगह, दो सियासी रंग
जयपुर की ऐतिहासिक बड़ी चौपड़ पर इस बार लोकतंत्र का अनोखा दृश्य देखने को मिला। चौपड़ के पूर्वी हिस्से में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी की ओर से ध्वजारोहण किया। वहीं दक्षिण दिशा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कांग्रेस की ओर से झंडा फहराया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संदेश में एकता, विकास और संविधान के सम्मान की बात कही, जबकि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान की बदौलत सत्ता में आने वाले ही आज उसे कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
सांस्कृतिक और शौर्य प्रदर्शन ने मोहा मन
SMS स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक प्रदर्शन रहा। बच्चों ने मानव श्रृंखला बनाकर जब ‘भारत माता का रथ’ खींचा, तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके साथ ही— पुलिस जवानों ने राइफलों के साथ अनुशासन और शौर्य का प्रदर्शन किया। मार्च पास्ट और परेड ने सुरक्षा बलों की मजबूती का संदेश दिया। इस प्रदर्शन ने यह भरोसा दिलाया कि राजस्थान की सुरक्षा मजबूत और सक्षम हाथों में है।
गणतंत्र दिवस बना उम्मीदों का प्रतीक
77वां गणतंत्र दिवस जयपुर के लिए सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं रहा, बल्कि यह—
युवाओं के लिए रोजगार की उम्मीद
पारदर्शी भर्ती प्रणाली का भरोसा
और लोकतांत्रिक मूल्यों के जीवंत प्रदर्शन का प्रतीक बनकर सामने आया।


