शोभना शर्मा। आज के समय में दांतों से जुड़ी बीमारियां बहुत आम हो चुकी हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक अक्सर दांतों में दर्द, मसूड़ों की सूजन, पायरिया, कैविटी और पीलापन जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं। गलत खान-पान, नशे की आदतें और दांतों की साफ-सफाई की अनदेखी इन बीमारियों को और बढ़ा देती हैं। आधुनिक डेंटल ट्रीटमेंट महंगे होते हैं, जबकि आयुर्वेद और घरेलू उपायों से दांतों की देखभाल सरल और प्रभावी तरीके से की जा सकती है।
भारत सदियों से आयुर्वेदिक चिकित्सा का केंद्र रहा है और दांतों की समस्याओं के समाधान में भी आयुर्वेद का विशेष महत्व है। यहां हम आपके लिए ऐसे 5 प्रमुख आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय लेकर आए हैं, जिन्हें अपनाकर आप दांतों और मसूड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।
1. पायरिया का आयुर्वेदिक इलाज
पायरिया एक गंभीर दंत रोग है जिसमें मसूड़ों से खून आना, सूजन और दांतों में संवेदनशीलता की समस्या बढ़ जाती है। बाबा रामदेव और कई आयुर्वेदाचार्य इसका सरल समाधान बताते हैं—नीम और बबूल की दातुन।
खाने के बाद यदि रोजाना नीम या बबूल की दातुन की जाए तो मसूड़ों में मजबूती आती है और पायरिया की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। यह न केवल कीटाणुओं को नष्ट करती है बल्कि मसूड़ों को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ बनाए रखती है।
2. तंबाकू और गुटखा खाने वालों के लिए उपाय
तंबाकू, गुटखा और पान खाने वालों में दांतों और मसूड़ों की समस्या बहुत तेजी से बढ़ती है। यहां तक कि उन्हें कैंसर का भी खतरा रहता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ आचार्य मनीष बताते हैं कि यदि ऐसे लोग टूथब्रश छोड़कर नीम की दातुन का इस्तेमाल शुरू करें तो इसका फायदा बहुत जल्दी दिखेगा।
नीम की दातुन तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव को कम करती है और धीरे-धीरे नशे की आदत से भी दूरी बनाने में मदद करती है। इससे मुंह की बदबू और दांतों के सड़न जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है।
3. अपामार्ग की जड़: दांतों के रोगों की औषधि
अपामार्ग एक औषधीय पौधा है जिसकी जड़ और डंठल दांतों की कई बीमारियों के इलाज में काम आती है। आचार्य बालकृष्ण के अनुसार अपामार्ग की जड़ का दातुन कैविटी, दांत दर्द और बदबू को दूर करने में प्रभावी है।
सुबह के समय इसकी डंठल से दातुन करने पर मुंह के कीटाणु मर जाते हैं और दांत मजबूत बनते हैं। जिन लोगों को बार-बार कैविटी या सड़न की समस्या होती है, उन्हें यह उपाय विशेष रूप से अपनाना चाहिए।
4. दांतों में कीड़ा लगने पर उपाय
दांतों में कीड़ा लगना एक आम समस्या है जो बच्चों और बड़ों दोनों में पाई जाती है। इसके लिए यूनानी चिकित्सा में भी सरल समाधान बताया गया है।
नमक वाले गुनगुने पानी से कुल्ला करने से कीड़े की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है। साथ ही लौंग का तेल रूई पर लगाकर प्रभावित दांत पर रखने से दर्द और संक्रमण से राहत मिलती है। लौंग में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल तत्व दांतों को जल्दी आराम पहुंचाते हैं।
5. दांतों का पीलापन दूर करने का उपाय
पीले और मैले दांत न केवल देखने में खराब लगते हैं बल्कि आत्मविश्वास को भी प्रभावित करते हैं। डॉक्टर उपासना बताती हैं कि यदि रोजाना ब्रश की जगह सरसों का तेल, लौंग का पाउडर और नमक मिलाकर दांतों की सफाई की जाए तो पीलापन और बदबू दोनों दूर हो जाते हैं।
यह उपाय दांतों की प्राकृतिक चमक लौटाता है और उन्हें मजबूत भी बनाता है। इसके साथ ही यह मिश्रण मसूड़ों को भी स्वस्थ बनाए रखता है।
दांतों की बीमारियां आजकल जीवनशैली की गलत आदतों और खान-पान की लापरवाही से बढ़ रही हैं। यदि आप नियमित रूप से दातुन, अपामार्ग की जड़, नमक-पानी और प्राकृतिक औषधियों का उपयोग करेंगे तो न केवल मौजूदा समस्याओं से राहत मिलेगी बल्कि भविष्य में होने वाली दंत समस्याओं से भी बचाव होगा।
आयुर्वेद में बताई गई ये 5 विधियां सरल, सस्ती और प्रभावी हैं। इन्हें अपनाकर आप अपने दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रख सकते हैं।


