शोभना शर्मा। राजस्थान में शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण-सुदूर इलाकों तक प्राथमिक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए भजनलाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 28 जिलों में कुल 44 नए सरकारी स्कूल खोले जाएंगे। सरकार के इस निर्णय से हजारों बच्चों को अपने नजदीकी इलाकों में ही शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
सबसे अधिक स्कूल जयपुर में
स्वीकृत योजना के अनुसार, सबसे ज्यादा 4 नए स्कूल जयपुर जिले में खोले जाएंगे। इसके अलावा बारां, बाड़मेर और उदयपुर में 3-3 स्कूल स्थापित किए जाएंगे। पाली, जोधपुर, सलूम्बर, डीग, चूरू और कोटपूतली-बहरोड़ में 2-2 नए स्कूलों की मंजूरी दी गई है। साथ ही बीकानेर जिले के कोलायत ब्लॉक में भी एक नया स्कूल खोला जाएगा।
तुरंत शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया
नए स्कूल खुलने के साथ ही इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे उन छात्रों को विशेष राहत मिलेगी जिन्हें अब तक दूरस्थ इलाकों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता था, या स्कूल न होने की वजह से पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती थी।
शिक्षक नियुक्ति और पदों का आवंटन
प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन नए स्कूलों में पदों का आवंटन विभाग द्वारा पहले से उपलब्ध शिक्षकों के रिक्त पदों के आधार पर किया जाएगा। इस तरह सरकारी खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा और पहले से कार्यरत शिक्षकों का समुचित पुनर्विनियोजन किया जा सकेगा।
हर नए स्कूल में लेवल-1 के 2 शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम है, वहां से शिक्षकों की अस्थाई प्रतिनियुक्ति कर नए विद्यालयों में स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए संबंधित सीबीईओ को निर्देशित किया गया है।
भवन निर्माण से पहले वैकल्पिक व्यवस्था
जहां सरकारी भवन फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए स्कूलों के संचालन के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि भवन की कमी के कारण किसी भी तरह से स्कूल संचालन प्रभावित न हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा विस्तार पर जोर
भजनलाल सरकार का यह फैसला विशेष रूप से उन ग्रामीण और सुदूर इलाकों के लिए महत्वपूर्ण है जहां बच्चे लंबे समय से स्कूल सुविधा के अभाव में शिक्षा से वंचित हो रहे थे। नए स्कूल खुलने से अब बच्चों को अपने गांव या आसपास के क्षेत्र में ही पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
राजस्थान सरकार का दृष्टिकोण
राज्य सरकार का मानना है कि शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना सामाजिक विकास की बुनियादी आवश्यकता है। यह कदम न केवल छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को उज्जवल बनाएगा, बल्कि साक्षरता दर में सुधार और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी मदद करेगा।