अजमेर नगर निगम में नियमों के विरुद्ध पट्टे जारी किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। यह मामला विधानसभा में बाड़मेर के शिव विधायक रविन्द्रसिंह भाटी द्वारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया गया। विधायक भाटी ने पिछले तीन माह में जारी किए गए सभी पट्टों की विस्तृत जांच कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने सदन में जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया गया है। इनमें नगर निगम के उपायुक्त (विकास), वरिष्ठ प्रारूपकार, कनिष्ठ अभियंता सिविल और कनिष्ठ सहायक शामिल हैं। इन सभी को अजमेर से हटाकर जयपुर में पदस्थापन की प्रतीक्षा में लगाया गया है।
1971 में अवाप्त भूमि पर स्वीकृत हुआ था नक्शा
मंत्री खर्रा ने सदन को बताया कि संबंधित भूमि राजस्व जमाबंदी ग्राम थोक तेलियान के खाता संख्या 480 और खसरा संख्या 2227 से जुड़ी है, जिसे वर्ष 1971 में नगर सुधार न्यास द्वारा अवाप्त किया जा चुका था। इस भूमि के लिए मुआवजा प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई थी, लेकिन सभी पक्षों की सहमति नहीं बनने के कारण नामांतरण यूआईटी के नाम दर्ज नहीं हो पाया।
इसके बावजूद वर्ष 2020 में 1450 वर्ग गज क्षेत्रफल का आवासीय नक्शा स्वीकृत कर दिया गया। बाद में शिकायत मिलने पर जांच की गई और नक्शा निरस्त कर दिया गया। मंत्री के अनुसार आवेदक ने झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर पट्टा प्राप्त किया था। इस संबंध में उसके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भी पत्र लिखा गया है।
पट्टा निरस्त, कलेक्टर को सौंपी गई जांच
नगर निगम अजमेर ने मामले की जानकारी मिलते ही 2 फरवरी 2026 को संबंधित पट्टा निरस्त कर दिया। साथ ही ऑनलाइन पत्रावली भी निरस्त कर दी गई है। उपपंजीयक कार्यालय को भी पट्टा निरस्त करने के लिए औपचारिक पत्र भेजा गया है।
मंत्री खर्रा ने कहा कि मामला अत्यंत गंभीर है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पिछले छह माह में जारी किए गए सभी पट्टों की जांच का जिम्मा अजमेर कलेक्टर लोकबंधु को सौंपा गया है। जांच अतिरिक्त जिला कलेक्टर स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी और दो सप्ताह में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
महापौर का कार्यकाल समाप्त, प्रशासक संभाल रहे जिम्मेदारी
उल्लेखनीय है कि अजमेर नगर निगम की महापौर ब्रजलता हाड़ा का कार्यकाल 30 जनवरी को पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में नगर निगम का प्रशासनिक कार्यभार संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ प्रशासक के रूप में संभाल रहे हैं। ऐसे में यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता के लिहाज से और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


