मनीषा शर्मा। राजस्थान में पशुपालन सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रदेश के 38 जिलों में 310 नए पशु चिकित्सालय भवनों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इसके लिए कुल 144 करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की गई है। प्रत्येक पशु चिकित्सालय भवन के निर्माण पर 46.50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
बालोतरा और बाड़मेर में अतिरिक्त भवनों की मंजूरी
जारी आदेशों के अनुसार, बालोतरा जिले में 7 और बाड़मेर जिले में 6 नए पशु चिकित्सालय भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इन दोनों जिलों में पशुधन की अधिक संख्या और पशुपालन गतिविधियों के लगातार विस्तार को देखते हुए अतिरिक्त मंजूरी प्रदान की गई है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में स्वीकृत भवनों का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
2029 तक पूरे होंगे निर्माण कार्य
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि ये भवन ग्रामीण विकास निधि के अंतर्गत बनाए जाएंगे और इन्हें 31 मार्च 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने यह भी कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन का अहम योगदान है, इसलिए पशु चिकित्सा ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
नए भवनों से बढ़ेगी चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता
नए पशु चिकित्सालय भवन बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा और सेवा दोनों का विस्तार होगा। आधुनिक ढांचे और बेहतर चिकित्सा उपकरणों के माध्यम से पशुओं के उपचार में तेजी आएगी। इससे पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज, टीकाकरण और आपातकालीन सेवाओं के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। बालोतरा और बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी जिलों में जहां बड़ी संख्या में पशुधन है, वहाँ यह निर्णय और अधिक प्रभावी साबित होगा।
38 जिलों में निर्माण की विस्तृत सूची
राज्य सरकार की स्वीकृति में 38 जिलों में भवनों के निर्माण की संख्या तय की गई है। इनमें सबसे अधिक मंजूरी जयपुर जिले में 26 भवनों के लिए दी गई है। इसके अलावा भीलवाड़ा, पाली और नागौर में 18-18 भवनों का निर्माण होगा।
अन्य जिलों में स्वीकृत भवनों की संख्या इस प्रकार है:
झुंझुनूं – 17
जोधपुर – 16
चित्तौड़गढ़ – 14
कोटपूतली-बहरोड़, बीकानेर, सीकर – 11-11
अलवर, बांसवाड़ा, चूरू – 10-10
टोंक, उदयपुर – 9-9
अजमेर, दौसा, जालोर, बालोतरा – 7-7
बाड़मेर, डीग, कोटा, खैरथल-तिजारा, कुचामन – 6-6
डूंगरपुर – 5
सवाईमाधोपुर, प्रतापगढ़ – 4-4
बारां, भरतपुर, बूंदी, जैसलमेर, झालावाड़, फलौदी, सिरोही – 3-3
ब्यावर, करौली, राजसमंद, सलूम्बर, श्रीगंगानगर – 2-2
सरकार का यह निर्णय न केवल पशुपालन क्षेत्र को मजबूती देगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा। नए भवनों के निर्माण से प्रदेश में पशु चिकित्सा नेटवर्क और अधिक व्यापक और प्रभावी बन सकेगा।


