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जयपुर एयरपोर्ट पर 3.23 करोड़ का सोना बरामद, यात्री गिरफ्तार

जयपुर एयरपोर्ट पर 3.23 करोड़ का सोना बरामद, यात्री गिरफ्तार

 राजधानी जयपुर स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के सोने की तस्करी का खुलासा किया है। डीआरआई की टीम ने शारजाह से जयपुर पहुंचे एक यात्री को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 2.08 किलो तस्करी का सोना बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस सोने की अनुमानित कीमत करीब 3.23 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों और जांच अधिकारियों में हलचल मच गई है। फिलहाल डीआरआई पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और इस तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार आरोपी यात्री बुधवार, 27 मई को शारजाह से जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा था। एयरपोर्ट पर नियमित जांच के दौरान डीआरआई अधिकारियों की नजर उसकी गतिविधियों पर पड़ी। अधिकारियों को यात्री का व्यवहार संदिग्ध लगा, जिसके बाद उसकी गहन जांच करने का फैसला लिया गया। जांच के दौरान यात्री के ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई तो उसमें कपड़ों और अन्य सामान के बीच कई ट्यूब रखी हुई मिलीं। शुरुआत में ये ट्यूब सामान्य सामान का हिस्सा लग रही थीं, लेकिन अधिकारियों को उन पर शक हुआ।

जब अधिकारियों ने ट्यूब को ध्यान से चेक किया तो उनमें कुछ असामान्य प्रतीत हुआ। इसके बाद ट्यूब को दबाकर देखा गया तो उनमें से पेस्ट जैसा पदार्थ बाहर निकलने लगा। अधिकारियों ने जब उस पेस्ट की जांच की तो पता चला कि उसमें सोना मिला हुआ है। यह देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई। आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से सोने को पेस्ट के रूप में बदलकर ट्यूबों के अंदर छिपाया था ताकि एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच को चकमा दिया जा सके।

डीआरआई अधिकारियों ने मौके पर ही आरोपी से पूछताछ शुरू की। शुरुआती पूछताछ के दौरान यात्री घबरा गया और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद अधिकारियों ने ट्यूबों को पूरी तरह खोलकर जांच की। जांच में कुल 2 किलो 8 ग्राम सोना बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार यह सोना तस्करी कर भारत लाया जा रहा था। बरामद सोने की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 3.23 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राजस्थान के बीकानेर जिले का निवासी है। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। डीआरआई का मानना है कि आरोपी अकेले काम नहीं कर रहा था, बल्कि उसके पीछे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इसी कारण अब जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, यात्रा रिकॉर्ड और उसके संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।

बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में विदेशों से सोना तस्करी के मामलों में तेजी आई है। खासतौर पर खाड़ी देशों से आने वाली उड़ानों पर सुरक्षा एजेंसियों की विशेष नजर रहती है। तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर सोना भारत लाने की कोशिश करते हैं। कभी सोने को मशीनों के पार्ट्स में छिपाया जाता है, तो कभी कपड़ों, जूतों या शरीर के अंदर छिपाकर लाने के मामले सामने आते रहे हैं। इस बार आरोपी ने सोने को पेस्ट का रूप देकर ट्यूबों में छिपाया, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण तरीका माना जा रहा है।

डीआरआई अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती तो करोड़ों रुपये का यह सोना आसानी से बाजार तक पहुंच जाता। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को जयपुर पहुंचने के बाद किसी व्यक्ति को यह सोना सौंपना था। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ है।

कार्रवाई के बाद डीआरआई ने आरोपी के खिलाफ सोना तस्करी और सीमा शुल्क कानूनों के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को आरोपी को जयपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। अब जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।

डीआरआई की टीम अब इस मामले को अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जोड़कर देख रही है। अधिकारियों को आशंका है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है, जो लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि सोना कहां से लाया गया था, किसके निर्देश पर आरोपी यह खेप लेकर आया था और जयपुर में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में सोने की भारी मांग के कारण तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऊंचे आयात शुल्क और टैक्स बचाने के लिए तस्कर अवैध तरीके से सोना देश में लाने की कोशिश करते हैं। यही कारण है कि एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं और संदिग्ध यात्रियों की विशेष निगरानी की जाती है।

जयपुर एयरपोर्ट पर हुई इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि तस्कर कितने भी आधुनिक और शातिर तरीके क्यों न अपना लें, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के आगे उनकी चालाकी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकती। फिलहाल डीआरआई की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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