मनीषा शर्मा,अजमेर । अजमेर जिले के दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या को हल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शनिवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने यहां दो उच्च जलाशयों का लोकार्पण किया। इन जलाशयों के निर्माण पर करीब 4 करोड़ रुपए की लागत आई है। लोकार्पण समारोह के दौरान स्थानीय विधायक अनिता भदेल सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि अजमेर शहर और आसपास के क्षेत्रों में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 2000 करोड़ रुपए के टेंडर जारी कर दिए गए हैं, जिससे अजमेर को निरंतर जलापूर्ति संभव हो सकेगी। इसके अलावा वर्क ऑर्डर भी जारी किए जा चुके हैं, ताकि कार्य शीघ्रता से शुरू हो सके।
विधायक अनिता भदेल ने कहा कि इन जलाशयों के लोकार्पण से क्षेत्र की जनता को लंबे समय से चल रहे जल संकट से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहाड़गंज में लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत से उच्च जलाशय का निर्माण किया गया है, वहीं जेपी नगर मदर में 86.16 लाख रुपए की लागत से दूसरा उच्च जलाशय तैयार हुआ है। इन दोनों जलाशयों से करीब 20 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी पानी की समस्या का स्थायी समाधान होगा।
इसके साथ ही 18.50 लाख रुपए की लागत से सीता गोशाला से गंगा माता मंदिर तक बनाई गई सड़क का भी लोकार्पण किया गया। विधायक भदेल ने कहा कि सड़क और जलाशय जैसी बुनियादी सुविधाएं क्षेत्र की जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि अजमेर शहर की जल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि पुराने पेयजल सिस्टम को सुधारने के लिए 170 करोड़ रुपए की लागत से कई नए टेंडर जल्द जारी किए जाएंगे। इससे न केवल पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि 24 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने इस मौके पर कहा कि राजस्थान और केंद्र में डबल इंजन की सरकार होने से विकास कार्यों को गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास विकास योजनाओं के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है और हर क्षेत्र में काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि रामजल सेतू योजना के अंतर्गत श्रीनगर के निकट पहाड़ों के बीच मोरबांध का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में जलस्रोत और मजबूत होंगे।
भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत सहित कई कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक इस अवसर पर मौजूद रहे। उन्होंने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि जल संकट से परेशान जनता को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अजमेर शहर लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहा है। यहां की बढ़ती आबादी और सीमित जल संसाधनों के कारण आम जनता को अक्सर पानी की कमी झेलनी पड़ती है। ऐसे में नए जलाशयों का निर्माण और 2000 करोड़ रुपए की लागत से जारी किए गए टेंडरों से इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद बंधी है।
सरकार का दावा है कि अगले कुछ वर्षों में अजमेर में निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी और लोगों को अब पानी की कमी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। जलदाय मंत्री और केंद्रीय मंत्री दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है और आने वाले समय में इसके नतीजे जनता को देखने को मिलेंगे।


