राजस्थान में 21 हजार लेक्चरर भर्ती: नए नियम, डीपीसी जल्द

राजस्थान सरकार ने सीनियर सैकेण्डरी स्कूलों में लेक्चरर के 21 हजार खाली पदों को भरने का बड़ा फैसला लिया है। यह फैसला नए शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले लिया गया है ताकि छात्रों को शुरुआत से ही बेहतर शिक्षा मिल सके। पिछले तीन सालों की बकाया सीनियर टीचर्स से लेक्चरर पदों के लिए डीपीसी इसी महीने में होने की सम्भावना है। शिक्षा विभाग ने व्याख्याता के ख़ाली पदों को भरने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

नए नियम:

  • यूजी-पीजी समान विषय का नियम: अब लेक्चरर्स के पदों के लिए यूजी-पीजी समान विषय का नियम लागू कर दिया गया है। इसका मतलब है कि जिन शिक्षकों ने यूजी में एक विषय और पीजी में दूसरा विषय किया है, वे भी लेक्चरर पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
  • अगस्त 2021 से पहले पीजी: अगस्त 2021 से पहले यूजी के अलावा दूसरे विषयों में पीजी करने वाले भी पात्र माने जाएंगे।

अगले वीक अस्थाई पात्रता सूची:
नियमों में संशोधन के तहत, अगले वीक अस्थाई पात्रता सूची जारी होने की उम्मीद है। आपत्तियां लेने के बाद स्थाई पात्रता सूची जारी कर डीपीसी की तारीख तय कर दी जाएगी।

21 हजार पद खाली:
राज्य के 17 हज़ार सीनियर सैकेण्डरी स्कूलों में इस समय व्याख्याताओं के क़रीब 21 हजार पद खाली हैं। इनमें से 6 हजार पदों के लिए हुई व्याख्याता भर्ती परीक्षा में चयनित सभी अभ्यर्थियों की काउंसलिंग हो चुकी है और क़रीब चार हजार अभ्यर्थियों को पोस्टिंग भी मिल चुकी है। लेकिन फिर भी तीन सालों की डीपीसी बकाया होने से 38 फ़ीसद पद खाली हैं।

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