श्मशान भूमि को लेकर 15 वर्ष से चल रहा विवाद खत्म, बाउंड्री कराई

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शहर के खसरा संख्या 1100 व 1101 में स्थित गैरमुमकिन मंदिर बालीनाथ के आश्रम व श्मशान भूमि के बीच पिछले पन्द्रह वर्षों से चल रहे विवाद को नगरपालिका अध्यक्ष आनंदीलाल गुचिया ने सुलझाया। इस संबंध में बालीनाथ आश्रम के पुजारी व स्थानीय दर्जी समाज के लोगों के बीच सीमा ज्ञान को लेकर लम्बे समय से विवाद चल रहा था। जिसे नगरपालिका अध्यक्ष ने सुलझाते हुए श्मशान भूमि की चार दीवारी करवाई।शहर के खसरा संख्या 1101 में 3.8 बीघा 3 बिस्सा जमीन पर श्मशान भूमि दर्ज है। इस जमीन पर विभिन्न समाज के लोग श्मशान भूमि के रूप में कर रहे हैं। वहीं इस जमीन पर दर्जी समाज की भी श्मशान भूमि है। इस पर वह चार दीवारी कराना चाहते हैं, लेकिन पास ही खसरा संख्या 1100 में 2 बीघा 3 बिस्वा जमीन बालीनाथ मंदिर व आश्रम के नाम स्थित होने के कारण दर्जी समाज व मंदिर के बीच विवाद हो गया।15 वर्ष पूर्व शुरू हुए विवाद को निपटाने के लिए पोकरण शहर के सभी समाज के लोगों द्वारा बैठक भी रखी गई थी। उस समय दोनों के बीच का विवाद शांत करवाया और चार दीवारी के निर्माण पर सहमति दी, लेकिन इस जमीन पर पुन: कार्य होने के कारण एक बार फिर से विवाद उत्पन्न हो गया। पिछले पन्द्रह वर्षों से चल रहे विवाद में नगरपालिका अध्यक्ष आनंदीलाल गुचिया ने हाल ही में इस विवाद को सुलझाया।
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15-year dispute over cremation ground ends, boundary made

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