फरार एसीटीओ के चार बैंक खाते, एक में 5 लाख की एफडीआर, गिरफ्तार जेसीटीओ की जमानत अर्जी खारिज

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सेल्स टैक्स विभाग के सहायक सेल्स टैक्स अधिकारी हिमांशु पारीक के चार बैंक खाताें की डिटेल एसीबी काे मिल गई है। इनमें से एक खाते में 5 लाख रुपए के एफडीआर के जमा हाेने की सूचना बैंक की अाेर से एसीबी काे भिजवाई गई है। इसके अलावा तीन अन्य बैंक खाताें में से दाे में बिल्कुल न्यूनतम धनराशि जमा है जबकि एक बैंक खाते में पीपीएफ के करीब सवा लाख रुपए जमा हैं। बैंकाें की अाेर से खाताें की डिटेल आने के बाद एसीबी के डीवाइएसपी वेदप्रकाश लखाेटिया ने पूरा प्रकरण बनाकर एएसपी राजेंद्र डिढारिया काे साैंप दिया है।आराेपी एसीटीओपारीक के लक्ष्मीनगर स्थित घर से मिले 7.35 लाख रुपए अाैर बैंक खाताें से मिले जमा धन के बारे में रिपाेर्ट एसीबी मुख्यालय भिजवाई जाएगी। मुख्यालय की ओर से इस प्रकरण की जांच के लिए अधिकारी नियुक्त हाेगा। एसीटीओहिमांशु पारीक अभी एसीबी टीम के हाथ नहीं लगा है। उसकाे पकड़ने के लिए सीआई आनंद गिल के नेतृत्व में तीन टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। आराेपी और उसके परिजनाें के माेबाइल की लाॅकेशन तथा काॅल हिस्ट्री मांगी गई है। आराेपी का अबाेहर स्थित ससुराल है। सूत्राें ने एसीबी काे सूचना दी है कि वह अपने ससुराल में छुपा हाे सकता है। सूत्राें के अनुसार उसे जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।जेसीटीओकी जमानत याचिका खारीज, काेराेना जांच की रिपाेर्ट भी नहीं आईइधर 10 हजार रुपए रिश्वत लेने के आराेप में साेमवार काे अनूपगढ़ स्थित जेसीटीओकार्यालय से रंगे हाथ पकड़े गए जेसीटीओपवनकुमार आहूजा की ओर से जमानत याचिका पर बुधवार काे सुनवाई पूरी हुई। सुनवाई के बाद एसीबी मामलाें की विशेष अदालत ने आराेपी के खिलाफ एसीबी चाैकी श्रीगंगानगर की ओर से पेश किए गए साक्ष्याें के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया। आराेपी जेसीटीओकी जमानत याचिका खारीज कर उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा के आदेश काे यथावत रखा है। आराेपी जेसीटीओआहूजा की मंगलवार काे करवाई गई काेराेना जांच के बुधवार शाम तक रिपाेर्ट नहीं आई थी। इसलिए आराेपी काे पुरानी आबादी थाना की हवालात में रखा गया है। काेविड टेस्ट की रिपाेर्ट निगेटिव आने के बाद ही उसे जेल प्रशासन जेल में दाखिला देगा।माेटी पैनल्टी का डर दिखाकर 25 हजार में किया था साैदा, जबकि सरकार ने रिटर्न भरने की दे रखी छूट: घड़साना स्थित फर्नीचर काराेबारी दाता फर्नीचर हाउस के मालिक प्रेमकुमार ने बताया कि अाराेपी एसीटीओहिमांशु पारीक और अनूपगढ़ कार्यालय से जेसीटीअाे पवनकुमार अाहूजा दाेनाें एक साथ उसके प्रतिष्ठान पर आए थे। दाेनाें ने दुकान का अवलाेकन करने के बाद बताया कि परिवादी के खिलाफ सेल्स टैक्स की चाेरी का प्रकरण बनता है। अगर वह माेटे जुर्माने से बचना चाहता है ताे उसे 25 हजार रुपए सुविधा शुल्क देना पड़ेगा। परिवादी की अाेर से हां कर देने के बाद दाेनाें वापस चले गए। नियमानुसार ताे सरकार ने अभी रिटर्न जमा करवाने की अवधि भी बढ़ा रखी है।एसीटीओऔर जेसीटीओका विभाग से मांगा सेवा रिकाॅर्ड, प्रकरण दर्ज कर भेजा जाएगा जयपुर मुख्यालय: आराेपी जेसीटीओपवनकुमार आहूजा काे 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार करने वाले एसीबी के सीआई आनंद गिल ने बताया कि आराेपी जेसीटीओऔर फरार एसीटीओहिमांशु पारीक का सेवा रिकाॅर्ड मांगा गया है। वाणिज्य कर विभाग की ओर से सेवा रिकाॅर्ड मिलने के बाद प्रकरण काे एसीबी मुख्यालय भेजा जाएगा। एसीबी मुख्यालय से यह प्रकरण वाणिज्य कर आयुक्त मुख्यालय व सरकार काे भिजवाया जाएगा। बुधवार तक विभाग ने दाेनाें आराेपियाें पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की थी।
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