मांगें नहीं मानने पर कलेक्ट्रेट परिसर में शव रखने की जिद के आगे डिस्कॉम ने मानी शर्तें

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जीएसएस से शटडाउन लेने के बाद श्रीबालाजी थाना इलाके में राजपूतों की ढाणी के ट्रांसफार्मर पर कार्य करते समय लाइनमेन की मदद के दौरान लगे करंट से हुई ग्रामीण की मौत के दूसरे दिन बुधवार को जोधपुर से शव उसके गांव रोहिणी पहुंचा। इससे पहले रोहिणी निवासी गोपाल पुत्र सूरजाराम नायक की मौत पर परिजनों एवं ग्रामीणों की ओर आक्रोश व्यक्त किया गया। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देने व शटडाउन के बावजूद बिजली लाइन चालू करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो शव कलेक्ट्री परिसर में रखा जाएगा। यह सूचना जैसे ही नागौर पहुंची तो प्रशासन एवं डिस्कॉम कार्मिकों में हड़कंप की स्थिति मच गई। माहौल गर्माने के अंदेशे को लेकर आनन-फानन में परिजनों की मांगे मान ली गई। परिजनों को बतौर मुआवजा 5 लाख का चेक सौंपा गया। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर से भी आर्थिक मदद का आश्वासन दिया गया। वहीं शटडाउन में विद्युत लाइन चालू करने वाले के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की भी बात कही गई है। जिस लाइनमेन को निलंबित किया था उसे भी बहाल कर दिया गया।22 घंटे बाद बोर्ड पीएमगोपाल की मंगलवार दोपहर के समय मौत हुई। समय अधिक होने एवं बोर्ड गठित नहीं होने के चलते बुधवार दूसरे दिन सुबह 11 बजे बोर्ड से पोस्टमार्टम हुआ। दोपहर डेढ़ बजे परिजन शव जोधपुर से लेकर रवाना हुए और यहां 4 बजे पहुंचे। इससे पहले ही उनकी मांगे मान ली गई। पुलिस देखरेख में शव उसके गांव पहुंचा। एहतियात के तौर पर कलेक्ट्री परिसर में जाप्ता तैनात रहा। जानकारी अनुसार इस मामले को लेकर कुछ ग्रामीण डिस्कॉम कार्यालय भी पहुंचे और वहां उन्होंने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी और मांगों के लिए विभाग के अभियंताओं से वार्तालाप किया।लाइनमैन दूसरे दिन बहालडिस्कॉम अभियंताओं ने मामले में संबंधित कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय बगैर किसी जांच के सीधे तौर पर लाइनमैन भीयांराम को निलंबित कर दिया। विभाग को जब अपनी कमी दिखी तो उसको दूसरे दिन बहाल भी कर दिया गया। यह लाइनमैन राजपूतों की ढाणी में ट्रांसफार्मर से लाइन दुरुस्त करने गया था। इसके लिए उसने शटडाउन लिया और फिर काम शुरू किया। बावजूद विभाग के अभियंताओं ने उसी पर कार्रवाई कर दी। ढहे एईएन श्रवण कुमार ने बताया भीयांराम को मंगलवार को निलंबित किया था। दूसरे दिन बुधवार को उसको वापस बहाल कर दिया गया। प्रकरण में जांच अभी जारी है। इसकी विस्तृत जानकारी अधिकारियों के पास है, लेकिन जब एसई से इस संदर्भ में संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। ग्रामीणों ने बताया जीएसएस को ठेके पर लगे कार्मिक चला रहे हैं। जो तकनीकी जानकारी से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। इसके चलते आए दिन हादसे की स्थितियां बनती हैं। रोहिणी में भी इसी तरह का हादसा हुआ।यह था मामला : 22 जून शाम रोहिणी की उतरादी राजपूतों की ढाणियों में लाइनमैन भीयांराम पुत्र दानाराम सिंगल फेस ट्रांसफार्मर पर चढ़कर विद्युत सप्लाई को दुरुस्त कर रहा था। उसी समय भीयांराम को कुछ औजारों की जरूरत पड़ तो वह गांव का गोपाल ट्रांसफार्मर पर चढ़कर औजारों को देने के लिए चढ़ रहा था। उसी समय लाइनों में करंट दौड़ गया। इससे लगे झटके से गोपाल और भीयांराम दोनों जने नीचे आकर िगरे। इससे लगी गहरी चोट के कारण गोपाल की रीड की हड्डी टूट गई और वह बेहोश हो गया। जोधपुर रैफर किया, सोमवार दोपहर डेढ़ बजे उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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