2.18 कराेड़ के भ्रष्टाचार के आराेपी पर कार्रवाई ताे दूर, पंचायत में दे दी नियुक्ति

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घड़साना पंचायत समिति क्षेत्र की छह पंचायताें में तैनात रहते 2.18 कराेड़ रुपए के भ्रष्टाचार की जांच में पुष्टि हाेने के बाद आराेपी ग्राम सचिव सुरेश सरगरा के खिलाफ कार्रवाई ताे दूर, उसे पंचायत समिति से हटाकर पंचायत में फिर से नियुक्ति दी गई है। इस भ्रष्टाचार के मामले के पांच प्रकरणाें की हुई जांच में 1 कराेड़ 30 लाख रुपए का गबन पाया गया था।10 केडी, 9 एलएमबी, 2 केएम, सात एमएलडी, 24 एएससी व तीन एनएम में तैनात रहते विकास कार्याें के नाम पर सरकारी खजाने से राशि उठाकर भ्रष्टाचार किया गया। इन पंचायताें में करवाए गए 105 कार्याें में भारी भ्रष्टाचार की शिकायत पर जिला परिषद की ओर से कमेटी गठित करवाई गई। कुल 2 कराेड़ 18 लाख 26631 रुपए के भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई तथा जांच कमेटी ने इस राशि की वसूली किए जाने की रिपाेर्ट सीईओ काे साैंपी। साथ ही इस भ्रष्टाचार में जांच कमेटी ने 1 कराेड़ 30 लाख का गबन माना।तत्कालीन सीईओ ने वर्ष 2018 में चुनाव आचार सहिंता उल्लंघन के मामले में दाेषी पाए जाने पर ग्राम सचिव सरगरा काे अनूपगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत बांडा काॅलाेनी से हटाकर सादुलशहर पंचायत समिति भेजा। फरवरी 2020 में तत्कालीन सीईओ ने इस मामले की रिपाेर्ट तैयार कर इस ग्राम सचिव के खिलाफ अंतिम निर्णयात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की। लेकिन तीन माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी अब तक काेई कार्रवाई नहीं हुई है। अब जिला परिषद सीईओ ने काेराेना संक्रमण काल की आड़ में इस ग्राम सचिव काे पंचायत समिति से हटाकर डूंगरसिंहपुरा पंचायत में नियुक्ति दी है। इस मामले में तत्कालीन सीईओ की ओर से रिपाेर्ट उच्चाधिकारियाें काे भेजी जा चुकी है। अब कार्रवाई भी विभागीय स्तर पर ही हाेनी है। – महावीर सिंह राजपुराेहित, सीईओ जिला परिषद, श्रीगंगानगर।
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