भडल्या नवमी के अबूझ सावे पर जोड़े सादगी से विवाह बंधन में बंधे, आज भी होंगी शादियां

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भडल्या नवमी के अबूझ सावे पर जिले में कई शादियां हुईं। कोरोना काल में शादियों का अंदाज पूरी तरह बदल गया है। अब दूल्हा-दुल्हन सादगी से शादी के बंधन में बंध रहे हैं। बैंड-बाजे और डीजे का म्यूजिक गायब हो चुका है। कई जगह दोपहर में फेरे होकर शाम को दुल्हन की विदाई हो गई।शादियों में मेहमानों की संख्या भी सीमित रही। इसके अलावा अबूझ मुहूर्त पर सोमवार को गृह प्रवेश और नवीन प्रतिष्ठानों का शुभारंभ भी हुआ। मुंडन और जनेऊ के संस्कार भी हुए। 30 जून को भी विवाह का मुहूर्त है। एक जुलाई को देवशयनी एकादशी से मांगलिक कार्यों पर पाबंदी लग जाएगी।इसके बाद 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर ही शहनाइयां बजेंगी। नवंबर में 2 दिन और दिसंबर में 7 दिन ही मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद अगले वर्ष अप्रैल 2021 तक विवाह के लिए मुहूर्त का इंतजार करना होगा।अधिकमास: भगवान विष्णु इस बार चार नहीं पांच माह तक क्षीर सागर में विश्राम करेंगेसीकर | बुधवार को देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु इस बार चार नहीं पांच माह तक क्षीर सागर में विश्राम करेंगे। इसके साथ ही चातुर्मास भी शुरू हो जाएगा। इस अवधि में विवाह, नवीन गृहप्रवेश सहित अन्य मांगलिक आयोजन नहीं होंगे। दो आश्विन माह होने से इस बार अधिकमास भी रहेगा।अधिकमास के कारण त्योहार 20 से 25 दिन आगे-पीछे होंगे। अधिकमास के कारण इस बार यह चातुर्मास पांच महीने का होगा। क्योंकि आश्विन अधिक मास रहेगा जो कि 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक होगा। इसमें सभी मांगलिक कार्य निषेध होते हैं।आषाढ़ शुक्ल एकादशी एक जुलाई को एकादशी तिथि 30 जून को शाम 7: 49 बजे प्रारंभ होकर एक जुलाई को शाम 5:29 बजे खत्म होगी। इस प्रकार एक जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ होकर 26 नवंबर कार्तिक शुक्ल एकादशी का पूर्ण होगा।
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