फैक्ट्री स्टाफ की हार्टअटैक से मौत, परिवार के भरण पोषण व बच्चों के पढ़ाई के लिए मजदूरों ने अपनी एक व दो दिन की तनख्वाह दी, परिवार को सौंपे 4.21 लाख रुपए

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खेजड़ला के 30 वर्षीय मुकेश प्रजापत की दस दिन पहले हार्टअटैक से मौत हो गई। उसके पीछे परिवार में बूढ़ी मां, पत्नी व दो मासूम बच्चे हैं। वह इकलौता बेटा था। यहां की सिग्मा मिनरल्स में काम करता था। ड्यूटी के बाद घर गया और खाना खाकर सो गया। इसी दौरान हार्टअटैक से जान चली गई।छोटी उम्र में अचानक दुनिया छोड़कर चले जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। न बीमार मां में परिवार के भरण पोषण का सामर्थ्य है और न पत्नी का। बच्चे इतने छोटे हैं कि उन्हें इस बात का भी आभास नहीं है कि पापा अब नहीं रहे। ऐसे बुरे वक्त में फैक्ट्री के मजदूरों ने परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाए।उन्होंने अपनी एक व दो दिन की तनख्वाह देकर मदद की पहल की। इस पर फैक्ट्री प्रबंधन ने भी कदम बढ़ाए। मुकेश ऑफिस बॉय का काम करता था तो सबके दिलों में बस चुका था। अब कर्मचारियों ने दिल से 4 लाख 21 हजार रुपए की मदद की है। रविवार को मैनेजर गोपालसिंह, स्टाफ और सरपंच भुपेंद्र देवड़ा मुकेश के घर पहुंचे और इसका चैक सौंपा। इनमें स्टाफ की तरफ 2 लाख व कंपनी के 2 लाख 21 हजार की तरफ से है।मासूम का जीवन सुधारने में आसानी होगीमजदूरों ने बताया कि मुकेश हमारे जैसा ही था। अब उसके परिवार को आगे भरण पोषण के लिए इधर उधर भटकना ना पड़े। इसलिए मदद का निर्णय लिया। कंपनी भी उसके परिवार को हर महीने 7 हजार रुपए पेंशन देगी। ग्रामीणों ने संकट की इस घड़ी में अपने सहकर्मी के परिवार की मदद करने पर स्टाफ की सराहना की है।उन्होंने बताया कि पैसे व्यक्ति की कमी पूरी नहीं कर पाते लेकिन ऐसे प्रयासों से ही जीवन को हौसला मिलता है। इस मदद से न केवल परिवार के भरण पोषण में आसानी रहेगी बल्कि साथ में मासूम बच्चों की पढ़ाई लिखाई का काम भी आसान हो सकेगा।
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Death of factory staff due to heart attack, laborers paid their one and two days salary for the maintenance of family and education of children, handed over Rs. 4.21 lakh to the family

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