कमल के फूलों से खिली जैतसागर झील, वन्यजीव बुझाते हैं प्यास

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बूंदी. जैतसागर झील रामगढ़ अभयारण्य का बूंदी शहर से प्रवेशद्वार है और सदानीरा होने से प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। बारिश के दिनों में कमल के फूल खिलने के बाद इसकी खूबसूरती में और चार चांद लग जाते हैं। इस झील में 1989 में पहली बार कमल दिखाई दिया, धीरे-धीरे इसका विस्तार होता गया।3 किमी में फैली झील, 1298 ई. में बनी थी3 किलोमीटर में फैली झील तेता मीणा ने संवत 1298 ई. से पूर्व बनवाई थी। इसके बाद राव सूरजन सिंह की माता जयवंती ने संवत 1625 में इसे बड़ा आकार देते हुए खुदवाकर पाल का निर्माण करवाया और पक्के घाट बनवाए। इतिहासकारों के अनुसार पूर्व में जयवंती सागर के नाम से जाना जाता था। जल संसाधन विभाग के अनुसार वर्ष 1983-84 में जैतसागर झील से नहर निकाली गई, जिसकी लंबाई करीब 5 किमी थी। इसका पानी देवपुरा व छत्रपुरा को दिया जाता था। इससे करीब 283 एकड़ जमीन सिंचित होती थी, पर नहरें 3 साल ही चली। अब तो कई जगह तो नहर का नामोनिशान ही मिट गया।
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Jaitasagar lake blossoms with lotus flowers, wildlife quenches thirst

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