साेलर पॉवर प्लांट की करोड़ोंं की मशीन कबाड़,अब चाेरों की नजर

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नोख गांव से 15 किलोमीटर की दूरी पर बीकमपुर सड़क मार्ग पर वर्ष 2010 में 50 मेगावाट सोलर थर्मल पॉवर प्लांट का लोकार्पण किया गया था। गांव में 50 मेगावाट के साेलर थर्मल पॉवर प्लांट के लगने से ग्रामीणों के साथ सरकार को सौर उर्जा के क्षेत्र में नई उपलब्धी मिलने के अरमान जगे थे।अभिजित साेलर पॉवर प्लांट को शुरू तो बड़े अरमानों के साथ किया गया था।लेकिन वर्तमान में 50 मेगावाट का यह साेलर प्लांट वीरान पड़ा हैं। यहां उर्जा उत्पादन के लिए लगाए गए उपकरण धूल फांक रहे हैं। उत्पादन भी कई वर्षों से बंद पड़ा हैं। काम काज ठप होने के कारण प्लांट पर चोरों की नजर पड़ी हैं।गांव से कुछ किलोमीटर की दूरी पर 11 बीघा की जमीन पर साेलर पॉवर प्लांट को स्थापित किया गया था, लेकिन शुरूआत के कुछ महिनों तक सुचारू रूप से कार्य हुआ। इससे गांव सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी रोजगार मिलने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन ग्रामीणों की उम्मीदों पर पॉवर प्लांट खरासाबित नहीं हो सका।कई बैंकों से लिए थे कर्ज, उनका भी भुगतान बकाया, पूरा प्लांट सुरक्षा गार्ड के भरोसेवर्ष 2010 में नोख से 15 किलोमीटर दूरी पर स्थित 50 मेगावाट के अभिजित साेलर पॉवर प्लांट का उद्घाटन किया गया था। सूत्रों की जानकारी के अनुसार प्लांट के मालिक ने विभिन्न बैंकों से ऋण लेकर इस प्लांट को स्थापित किया था। लेकिन स्थापित करने के कुछ महिनों बाद उत्पादन ठप होने के कारण ताले लग गए।वर्तमान में बैंक ऑफ इंडिया मुंबई, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मुंबई, सैंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मुंबई, देना बैंक मुंबई, इंडियन ओवरसीज बैंक कोलकाता, विजया बैंक मुंबई की शाखा द्वारा मालिकाना हक जाहिर किया जा रहा हैं। क्योंकि इन सभी बैंकों ने साेलर पॉवर प्लांट के मालिक को करोड़ों रुपए का लोन राशि दी थी।संबधित मालिक द्वारा लोन की राशि समय पर नहीं देने के कारण प्लांट के मुख्य गेट पर बैंकों का बोर्ड लगा हुआ है। वहीं राजस्व विभाग द्वारा इस साेलर पॉवर प्लांट पर किराया की बकाया राशि जमा नहीं करवाने पर कुर्की की भी कार्रवाई की।पॉवर प्लांट को स्थापित करने में नियमों को ताक पर रखावर्ष 2010-11 में नोख से बीकमपुर जाने वाले सड़क मार्ग पर 50 मेगावाट के साेलर थर्मल पॉवर प्लांट को स्थापित करने के लिए संबधित कंपनी 1158.10 बीघा भूमि का आवंटन किया गया था।जानकारी के अनुसार नियमों को ताक में रखकर भूमि का आवंटन किया गया।संबधित विभाग द्वारा प्लांट स्थापित करने वाली कंपनी के मालिक को नोटिस देकर अवशेष राशि जमा करवाने को कहा। लेकिन अभी तक अवशेष राशि जमा नहीं हुई। जानकारी के अनुसार ऑडिट आक्षेप राशि 17 लाख 62 हजार 714 रुपए व भूमि कीमत राशि 87 लाख 96 हजार 51 रुपए राजकोष में जमा नहीं करवाई गई।साेलरआवंटन नियमों का पालन नहीं करने पर आवंटित भूमि को मय अपूर्ण निर्माण सामग्री को कुर्क किया गया। कुर्की की कार्रवाई के दौरान भू-अभिलेख निरीक्षक अर्जुनसिंह, पटवारी कंवराजसिंह उपस्थित थे। जिला कलेक्टर जैसलमेर व तहसीलदार पोकरण के आदेशानुसार सौलर प्लांट को आवंटित भूमि को कुर्क किया गया।साेलर पॉवर प्लांट पर चोरों की नजर, सिक्योरिटी गार्ड तैनातवर्तमान में साेलर पॉवर प्लांट पर चोरों की नजर पड़ी हुई हैं। सुरक्षा के लिए प्राइवेट कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड लगे हैं। इनका कहना की पिछले 6 महिनों से वेतन नहीं दिया जा रहा हैं। पूर्व में प्लांट पर कई बार चोरियां हो चुकी हैं। लेकिन किसी द्वारा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज नहीं होने पर पुलिस द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पिछले लंबे समय से साेलर प्लांट बंद होने के कारण इस प्लांट पर चौकीदारी के लिए गार्डों को लगाया गया हैं। लेकिन पिछले 6 माह से सुरक्षा के लिए लगे सिक्योरिटी गार्डों को वेतन नहीं मिलने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। -लखसिंह भाटी, सिक्योरिटी गार्ड नोख सरकार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करके सौलरप्लांट को लगवाया गया था। लेकिन यह सौलरप्लांट बंद होने के कारण ना तो इस प्लांट से बिजली बन पाई हैं ना ही इस प्लांट की जमीन की कोई उपयोगिता रही हैं। जिसके चलते सैकड़ों बीघा भूमि अधर झूल में लटकी पड़ी हैं। -मेघसिंह भाटी, पूर्व सरपंच नोख
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सौलर पॉवर प्लांट के अंदर उखड़ी सौलर प्लेटे।

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