टिडि्डयों के खिलाफ 7 घंटे चला ऑपरेशन क्लीन बोल्ड, किसान भी थाली-पीपे बजा कर फसलों की दुश्मन को भगाते रहे

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राजस्थान में टिडि्डयों का हमला जारी है। रविवारको जयपुर के शाहपुरा और दौसा जिले में टिडि्डयों के दल ने हमला बोला। वहीं,शनिवार को जयपुर शहर और आसपास के जिलों में हमला बोला था। बांदीकुई में टिडि्डयों को कंट्रोल करने के लिए सात घंटे तक ऑपरेशन क्लीन बोल्ड चलाया गया।सभी जगह किसानों ने थाली-पीपे बजाकर टिडि्डयों को भगाया।टिडि्डयों के कारण शनिवार कोजयपुर एयरपोर्ट पर एक विमान 15 मिनट तक लैंड नहीं कर पाया था।बांदीकुई में कृषि विभाग ने ऑपरेशन क्लीन बोल्ड अभियान चलायादौसा जिले में बांदीकुई उपखण्ड क्षेत्र के रानीकाबॉस में कृषि विभाग ने रात एकबजे से ऑपरेशन क्लीन बोल्ड अभियान चलाकर 50 से 60 प्रतिशत टिड्डियों को कंट्रोल किया।कृषि अधिकारी (प्रशिक्षण)अशोक कुमार मीना ने बताया किटिड्डी दल को नष्ट करने के लिए दौसा जिले के ट्रैक्टर चलित स्प्रेयर्स से कीटनाशक दवाई का छिड़काव करवाकर टिड्डियों को नष्ट किया गया। ऑपरेशन रात्रि एक बजे से सुबह आठबजे तक चला।टिड्डी दल का रंग पीला नहीं, इसलिए अंडे देने की स्थिति में नहींसहायक कृषि अधिकारी मीना ने बताया किअभी जो टिड्डी दल दौसा में आया है वह अंडे देने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में टिड्डियों से फसलों में नुकसान की सम्भावना कमहै। जब टिड्डियों का रंग पूरी तरह पीला हो जाता हैउस समय मादा टिड्डी रात्रि में अंडे देती है। एक मादा टिड्डी एक बार में 100 से 120 अंडे देती है।जमवारामगढ़ तहसील केताला में टिड्डी का प्रकोपजयपुर जिले कीताला ग्राम पंचायत में रविवार सुबह दूसरी बार टिड्डी दल को देखकर किसान सकते में आए।ग्रामीणों ने बताया कि ताला क्षेत्र में दूसरी बार टिड्डी दल के आंतक से पेड़-पौधों को काभी नुकसान हुआ है।टिड्डी दल हर गांव ढाणियों में किसानों के खेतों में हमला करता हुआ निकल गया। इसके चलते खेतों में गवार, भिंडी, टमाटर आदि फसलों और वनस्पतियों को नुकसान पहुंचा।दौसा जिले के सैंथल में भी पहुंचा टिड्‌डी दलकस्बे समेत आसपास के क्षेत्र में टिड्डियों का दल शनिवार को मकानों की छत, पेड़, जमीन पर उतरती दिखाई दिया। सहायक कृषि अधिकारी काशी लाल मीणा ने बताया कि टिड्डियां आंधी होते हुए थली, श्रीनगर, खरतला, सैंथल, कमलेश्वर, तीतरवाड़ा, कुंडल, भावता, के आगे निकल गईं। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने बताया कि टिड्डियां खरतला और सैंथल में पेड़ों पर जमीन पर बैठ गईं। लेकिन, थोड़ी देर में ही वापस हवा के रुख से चली गईं। लोगों ने थालियां पटाखे चलाकर टिड्डियों को उड़ाने की कोशिश भी की।थाली, ढोल, पीपे से तेज ध्वनि कर टिड्डी दल को भगायादिन के समय टिड्डी दल के आक्रमण होने पर किसान थाली, ढोल, पीपे आदि से तेज ध्वनि करके टिड्डी दल को भगाकर फसलों को बचाएं । खरीफ की फसलों की बुवाई के बाद भी यदि टिड्डियों का आक्रमण होता है तो इस वर्ष किसानों को नुकशान हो सकता है।इनपुट औरफोटो : मुकेश प्रजापत, अनिल भट्‌टजमवारामगढ़ तहसील के ताला में पहुंचा टिड्‌डी दल।
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बांदीकुई। रानीकाबास में कृषि विभाग के ऑपरेशन क्लीन बोल्ड के दौरान करीब 60 प्रतिशत तक टिड्डियों पर नियंत्रण किया गया।

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