सूरत में परिजन मरीज का हाल जानने पहुंचे, डॉक्टरों ने कहा- उनका तो अंतिम संस्कार हो गया; पंचकूला में टेस्टिंग से पहले ही सैम्पल लेने का मैसेज आया

0
82

कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में अव्यवस्थाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे दो मामले सामने आए हैं। गुजरात के सूरत में एक कोरोना संक्रमित की मौत की सूचना उनके परिवार वालों को नहीं दी गई। जब वे मरीज का हाल जानने अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि उनका तो अंतिम संस्कार किया जा चुका है। उधर, हरियाणा के पंचकूला में एक रिटायर्ड कर्नल का सैम्पल लेने से पहले ही उनके मोबाइल पर जांच हो जाने का मैसेज भेज दिया गया।पहला केससूरत केशक्तिनगर इलाके में रहने वाले दिलीपभाई मगनभाई गोंडलिया 17 जून को कोरोना पॉजिटिव पाए गए।उन्हें गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया। 24 जून को रात 11 बजे उन्होंने परिवारवालों से मोबाइलपर बात की। दूसरे दिन दिलीप का भतीजा किशन उनका हाल जानने अस्पताल पहुंचा। तब पता चला कि सुबह साढ़े 5 बजे ही उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन नेएक ट्रस्ट से उनका अंतिम संस्कार भी करा दिया।अब दिलीपभाई केपरिजनअस्पताल पर कार्रवाई की मांगकर रहे हैं।दूसरा केसपंचकूला सेक्टर-7 की डिस्पेंसरी को सैंपल क्लेक्शन सेंटर बनाया गया है।सेक्टर-20 फरीदाबाद से एक रिटायर्ड कर्नल अपनी पत्नी के साथ शुक्रवार को सैंपल देने पहुंचे। करीब ढाई घंटेइंतजार के बाद उनकी डिटेल नोट की गई। इसके बाद उन्हें कुछ नाश्ता करके आने के लिए कहा गया। वे घर लौटकर खाना खा रहे थे तभीउनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके सैंपल ले लिए गए हैं। जबकि उन्होंने कोई सैंपल नहीं दिया था।डाटा में नाम भी गलत लिखा थामैसेज मिलते हीरिटायर्ड कर्नलतत्काल सेक्टर-7 की डिस्पेंसरी पहुंचे।वहां डॉक्टरों से भी इस बारे में बात की। उनसे जो डेटा लिया गया था, उसमें नाम भी गलत लिखा हुआ था।अब वे इस मामले में हेल्थ डिपार्टमेंट से भी कंप्लेंट करने की बात कर रहे हैं।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

सूरत के शक्तिनगर इलाके में रहने वाले दिलीपभाई की एक दिन पहले ही परिवारवालों से फोन पर बात हुई थी। अगली सुबह उनकी मौत हो गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here