सीबीआई ने गैंगस्टर आनंदपाल की बेटी, कालवी व गोगामेडी सहित 24 लोगों को माना दोषी

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प्रदेश के बहुचर्चितगैंगस्टर आनंदपाल कीएनकाउंटर में मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार के दौरान सांवराद गांव में दंगा भड़काने के आरोप में सीबीआई ने 24 लोगों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। सीबीआई ने तीन साल पुराने इस मामले की जांच पूरी करते हुए आनंदपाल सिंह की बेटी चरणजीत सिंह उर्फ चीनू, लोकेंद्र सिंह कालवी, सुखदेव सिंह गोगामेडी समेत 24 लोगों को आरोपी माना है। उन पर दंगा भड़काने, तत्कालीन नागौर एसपी व महिला आइपीएस पर जानलेवा हमला करने, पुलिस वाहनों को जलाने का दोषी माना गया है।सीबीआई की नई दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच-2 के डीआईजी जगरूपगुरु सिन्हा के निर्देशन में डिप्टी एसपी मुकेश शर्मा नेजांच पूरी की है। इसके बाद जोधपुर में सीबीआई की एसीजेएम कोर्ट में चालान पेश किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी अभी नहीं हो पाई है। उनको नोटिस देकर गिरफ्तारी के लिए बुलाया जाएगा।उल्लेखनीय है कि आनंदपाल सिंह चुरु जिले के मालसर गांव में 24 जून 2017 को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उसके परिवार के सदस्यों ने मुठभेड़ की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि वह समर्पण करना चाहता था फिर भी उसे मार दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उसे कई बार समर्पण करने को कहा गया, लेकिन उसने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। राजस्थान के राजपूत समुदाय ने उसके मारे जाने पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन व सड़क को जाम कर दिया था। आनंदपाल एनकाउंटर के बाद आनंदपाल के गांव सांवराद में सभा के दौरान उपद्रव भी हुआ था। उसमें एक युवक की मौत हो गई थी। इस दौरान भीड़ बेकाबू हो गई थी और दंगा भड़क उठा था। गांव के बाहर पुलिस अधीक्षक परिष देशमुख की गाड़ी पर भीड़ ने हमला कर दिया था. वहीं आईपीएस अधिकारी मोनिका सैन पर भी भीड़ ने हमला किया था। सांवराद रेलवे स्टेशन पर भी उपद्रवियों ने रेलवे स्टेशन के क्वार्टर फूंक डाले थे और रेलवे पटरियां भी उखाड़ दी गई थी। एनकाउंटर के बाद राजपूत व रावणा राजपूत समाज की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच के लिए दो बार सिफारिश करनी पड़ी थी।
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आनंदपाल सिंह।

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