बरसात में रास्ते या पुल पर डेढ़ फीट से ज्यादा पानी हो तो बस नहीं निकालें चालक

0
114

बरसात के मौसम में बसों के सुरक्षित संचालन को लेकर राजस्थान रोडवेज ने कमर कस ली है। इसको लेकर मुख्यालय ने सभी चालकों को बरसात के दौरान मार्ग में पानी का स्तर डेढ़ फीट से ज्यादा हो तो बस को न निकालने और रास्ते में बस को पेड़, बिजली के तार और ट्रांसफार्मर के नीचे न खड़ी करने के निर्देश जारी किए हैं।साथ ही घाट क्षेत्र, नदी, पुल, रपट, तीखे मोड़, घनी आबादी क्षेत्र, स्कूल, औषधालय, टोल बूथ, मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग इत्यादि स्थानों को ध्यान में रखते हुये दर्शाये जाने वाले यातायात संकेतो की पालना करते हुये वाहन का सावधानी पूर्वक चलाने की बात कही है।राजस्थान पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक नवीन जैन ने लोगों व यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी मुख्य प्रबन्धकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए है कि वे बस स्टैण्ड और बसों के संचालन के सम्बन्ध में आवश्यक सावधानी बरतें और अधीनस्थों को भी निर्देशित करें।सीएमडी श्री नवीन जैन ने चालकों को सलाह दी गई है कि यदि सड़़क अथवा पुल पर बहते पानी का स्तर डेढ फीट अथवा ज्यादा हो तो ऐसी स्थिति में वाहन को पानी में से नहीं निकाला जावें। चालक द्वारा पानी बहाव क्षेत्र में गति नियंत्रण रखने हेतु केवल प्रथम गियर का ही उपयोग करें। रपट पर पानी हो तो पानी की गहराई व बहाव की गति को सावधानी पूर्वक देखकर पूर्ण रूप से संतुष्ट होने पर रपट को पार किया जावें।चालकों के लिये विशेष सावधानी बरतने जैसे घुमाव पर वाहन को धीमी गति, वाहन को कच्चे में उतारते समय सावधानी, कम रोशनी की स्थिति में वाहन को धीमी गति से संचालन, रात्रि में यदि वाहन मार्ग पर किसी कारणवश खड़ी करनी हो तो वाहन की ब्रेकलाईट व इंडिकेटर चालू तथा वर्षा ऋतु में वाहन को बिजली के तार, ट्रांसफार्मर, भारी पेड़ के नीचे खड़ी ना करें।बरसात में बसों की खिड़की सही हों जिससे बस के अंदर पानी न आएलोहागढ़ आगार के प्रबंधक वित्त महेश गुप्ता ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने निर्देशित किया गया हैं कि मानसून के दौरान आवष्यक सावधानी बरतने के सम्बन्ध में सभी को जानकारी दी जाए। स्थानीय जिला प्रशासन से सम्पर्क बनाये रखे।साथ ही प्रत्येक बस में व्हील पाना, जैक व स्टेपनी होने, प्रत्येक वाहन का सेल्फ स्टार्ट होना, टायरों का रखरखाव, बस में फर्स्टएड बॉक्स, बस की विण्डो को दुरूस्त रखे जिससे बस में पानी ना आवें, इसके साथ ही आगार कार्यालय/कार्यशाला के भवन की छत व रोड, नाली आदि को वर्षा ऋतु से पूर्व सफाई करवाना सुनिश्चत किया जावे।पानी का निकास पूर्ण रूप से हो सके तथा पानी एक जगह एकत्र ना हो जिससे बस स्टेण्ड्स पर आने वाले यात्रियों व खास तौर से महिलाओं व बच्चो को कोई परेशानी ना हो, इसके लिये आप स्थानीय नगर पालिका, नगर परिषद् एवं नगर निगम से सहयोग ले सकते हैं। इस सम्बन्ध में स्पष्ट किया गया कि किसी भी व्यक्ति को पानी भराव से दिक्कत नहीं आनी चाहिये।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

Do not remove the driver if there is more than one and a half feet of water on the way or bridge in the rain

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here