डीजीसीए ने एयरलाइंस से कहा- यात्रियों पर दबाव बढ़ा, पैसेंजर्स और क्रू में विवाद हो सकता है; क्रू को हालात संभालने की ट्रेनिंग दें

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कोरोना-काल में हवाई यात्राओं के दौरान नियम-कायदे सख्त होने से यात्रियों पर दबाव बढ़ रहा है। डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने आशंका जाहिर की है कि ऐसे माहौल में यात्री तनाव के चलते क्रू और साथी पैसेंजर्स के साथ विवाद कर सकते हैं। ऐसे में एयरलाइन ऑपरेटर इस तरह के हालात को संभालने के लिए एक व्यवस्था शुरू करें और ऐसे हालात से निपटने के लिए बनाए गए नियम फिर से लागू किए जा सकते हैं।डीजीसीए ने क्या आशंका जाहिर की?आजकल के माहौल में यात्रियों पर दबाव ज्यादा है और ऐसे में वह तनाव के चलते दूसरे यात्रियों से विवाद कर सकता है। उसका व्यवहार उग्र हो सकता है। यात्रियों के बुरे बर्ताव के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। साथ ही साथ ऐसे यात्रियों की पहचान और उनकी रोकथाम के लिए कदम उठाने की जरूरत है। फ्लाइट के दौरान यात्री फेसकवर और मास्क पहनने से इनकार कर सकते हैं। दो यात्रियों के बीच उनकी जाति या फिर देश को लेकर विवाद हो सकता है। एयरपोर्ट पर अतिरिक्त प्रक्रियाओं के चलते यात्री तनाव में आ सकते हैं। इससे फ्लाइट के दौरान विवाद, अतिरिक्त मांग और शिकायतें भी कर सकते हैं। एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग और हेल्थ स्क्रीनिंग के चलते यात्रियों के आने-जाने में देरी भी हो सकती है। दो यात्रियों के बीच सफाई और नियमों को ना मानने को लेकर भी विवाद हो सकते हैं। अगर किसी में कोविड जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो भी विवाद हो सकता है।डीजीसीए ने क्या रिकमंडेशन की हैं? बुरा बर्ताव करने वाले यात्रियों को संभालने के लिए एयरलाइन के जो भी नियम हों, उन्हें लागू किया जा सकता है। ऑपरेटर फ्लाइट के दौरान क्रू के लिए ट्रेनिंग प्रोसीजर बना सकता है ताकि यात्री स्वास्थ्य और सुरक्षा की गाइडलाइन का पालन करें और सफाई बरतें। कोविड पीरियड के दौरान उपद्रव फैलाने वाले यात्रियों के लिए ऑपरेटर अपने क्रू के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) स्पष्ट करें।
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डीजीसीए ने कहा है कि ऑपरेटर फ्लाइट के दौरान क्रू के लिए ट्रेनिंग प्रोसीजर बना सकता है ताकि यात्री स्वास्थ्य और सुरक्षा की गाइडलाइन का पालन करें और सफाई बरतें।

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