5 दिन बाद राजस्थान में फिर टिड्डी हमला, पहली बार ड्रोन से नियंत्रण

0
17

जिस बात की चेतावनी संयुक्त राष्ट्र ने आज के एक महीने पहले दी थी। भास्कर ने भी केंद्र और राज्य सरकार को चेताया था वहीं अब होने लगा है। पाकिस्तान में जिन टिड्डियाें ने अंडे दिए। अंडाें से कराेड़ाें की तादाद में फांके निकले। शनिवार को वे पाकिस्तान होते हुए राजस्थान के 6 जिलों में एक साथ पहुंचे। बीकानेर, नागौर, चूरू, जैसलमेर, श्रीगंगानगर और जोधपुर में शनिवार को एकाएक टिड्डी हमला हुआ।राहत की बात यह है कि केंद्र सरकार ने सिद्धि समस्या को लेकर संसाधनों से कृषि विभाग को लैस करना शुरू कर दिया है। जैसलमेर को 2 दिन पहले ही 4 ड्रोन मिल चुके हैं। बीकानेर को एक ड्रोन पहले मिल चुका है लेकिन अब चार ड्रोन और मिलेंगे। कुल 5 ड्रोन से बीकानेर में टिड्डी नियंत्रण किया। शनिवार को ड्रोन से टिड्डियां मारी गई।चिताना, सारुंडा और जेडी मगरा में ड्रोन से छिड़काव कर टिड्डियाें काे मारा गया। ड्रोन में 10 से 12 लीटर केमिकल ले जाने की क्षमता है और इससे करीब 4 हैक्टेयर इलाका कवर हो सकता है। पेड़ की कितनी ही ऊंचाई हो वह सबसे ऊपर जाकर छिड़काव कर टिड्डियाें को मार सकता है जबकि इससे पहले पेड़ के ऊपर बैठी टिड्डियाें को मारना कृषि विभाग के लिए नामुमकिन हो रहा था।वह एक से दूसरी जगह आसानी से उड़ जा रही थी। टिड्डी नियंत्रण विभाग के राजस्थान प्रभारी डॉ एस एल गुर्जर व सहायक,निदेशक कृषि विस्तार बीकानेर डॉ रामकिशोर मेहरा, कृषि अधिकारी गिरिराज ने ड्रोन से टिड्डी नियंत्रण का अवलोकन किया। कृषि अधिकारी अब टिड्डियाें के लगातार आने की संभावना जता रहे है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

बच्छावतों के मोहल्ले में एक पेड़ पर बैठी टिड्डियां

जिस बात की चेतावनी संयुक्त राष्ट्र ने आज के एक महीने पहले दी थी। भास्कर ने भी केंद्र और राज्य सरकार को चेताया था वहीं अब होने लगा है। पाकिस्तान में जिन टिड्डियाें ने अंडे दिए। अंडाें से कराेड़ाें की तादाद में फांके निकले। शनिवार को वे पाकिस्तान होते हुए राजस्थान के 6 जिलों में एक साथ पहुंचे। बीकानेर, नागौर, चूरू, जैसलमेर, श्रीगंगानगर और जोधपुर में शनिवार को एकाएक टिड्डी हमला हुआ।

राहत की बात यह है कि केंद्र सरकार ने सिद्धि समस्या को लेकर संसाधनों से कृषि विभाग को लैस करना शुरू कर दिया है। जैसलमेर को 2 दिन पहले ही 4 ड्रोन मिल चुके हैं। बीकानेर को एक ड्रोन पहले मिल चुका है लेकिन अब चार ड्रोन और मिलेंगे। कुल 5 ड्रोन से बीकानेर में टिड्डी नियंत्रण किया। शनिवार को ड्रोन से टिड्डियां मारी गई।

चिताना, सारुंडा और जेडी मगरा में ड्रोन से छिड़काव कर टिड्डियाें काे मारा गया। ड्रोन में 10 से 12 लीटर केमिकल ले जाने की क्षमता है और इससे करीब 4 हैक्टेयर इलाका कवर हो सकता है। पेड़ की कितनी ही ऊंचाई हो वह सबसे ऊपर जाकर छिड़काव कर टिड्डियाें को मार सकता है जबकि इससे पहले पेड़ के ऊपर बैठी टिड्डियाें को मारना कृषि विभाग के लिए नामुमकिन हो रहा था।

वह एक से दूसरी जगह आसानी से उड़ जा रही थी। टिड्डी नियंत्रण विभाग के राजस्थान प्रभारी डॉ एस एल गुर्जर व सहायक,निदेशक कृषि विस्तार बीकानेर डॉ रामकिशोर मेहरा, कृषि अधिकारी गिरिराज ने ड्रोन से टिड्डी नियंत्रण का अवलोकन किया। कृषि अधिकारी अब टिड्डियाें के लगातार आने की संभावना जता रहे है।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


बच्छावतों के मोहल्ले में एक पेड़ पर बैठी टिड्डियां

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here