राजनाथ सिंह ने सीडीएस और सेना प्रमुखों के साथ बैठक की, कहा- एलएसी पर सेनाएं चीनी घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब दें

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सीमा पर चीन की घुसपैठ को रोकने के लिए सरकार ने आर्म्ड फोर्सेज को पूरी छूट दे दी है। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सेनाओं को धरती, आसमान और समुद्री इलाके में चीन की किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए सख्त रवैया अख्तियार करने के लिए कहा गया है।रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत समेत सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और नौसेना प्रमुख करमबीर सिंह से बात की। इसी में उन्होंने सेनाओं को चीन से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए।15 जून की रात को गलवान में हुई थी दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़पकरीब 6 हफ्ते से भारत और चीन के बीच लद्दाख में तनाव चल रहा है। 15 जून की रात चीन और भारत के सैनिकों में हिंसक झड़प हुई थी। चीन के सैनिकों ने कंटीले तार वाले डंडों से भारतीय जवानों पर हमला किया था, जिसमें 20 जवान शहीद हो गए। भारत ने भी चीन के 40 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने की बात कही है, लेकिन चीन ने अब तक अपने मारे गए सैनिकों की संख्या नहीं बताई है।भारत ने कहा- गलवान घाटी पर चीन के दावे मंजूर नहीं भारत सरकार का कहना है कि गलवान घाटी पर चीन के दावे मंजूर नहीं हैं। ये चीन के खुद के पहले के रुख के उलट हैं। गलवान पर स्थिति लंबे समय से साफहै। भारतीय जवान एलएसी से पूरी तरह वाकिफ हैं और इसका पालन करते हैं। भारत ने कभी एलएसी पार नहीं की। भारतीय सैनिक इस क्षेत्र में लंबे समय से गश्त कर रहे हैं। सभी निर्माण भारत की हद के अंदर ही हैं। भारत के नक्शे में सीमा स्पष्ट है। 60 साल में 43 हजार वर्ग किमी क्षेत्र पर अतिक्रमण के बारे में देश जानता है। सरकार एलएसी में एकतरफा परिवर्तन की इजाजत नहीं देगी। उधर, चीन लगातार गलवान घाटी को अपनी सीमा में बता रहा है। उसका कहना है कि गलवान घाटी चीन का हिस्सा है और एलएससीसे हमारी तरफ है। भारतीय सैनिक यहां पर जबरन रोड और ब्रिज बना रहे हैं। भारत-चीन तनाव पर आप ये खबरें भी पढ़ सकते हैं… 1.चीन पर मोदी के बयान पर विवाद / पीएमओ ने कहा- प्रधानमंत्री की बात को गलत तरीके से पेशकर बेवजह विवाद खड़ा कर रहे, उन्होंने 15 जून की झड़प की बात की थी 2.एयरफोर्स की पासिंग आउट परेड /चीन पर एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा- हम किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार, गलवान में जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी 3.चीन पर राहुल गांधी का 4 दिन में चौथा बयान /कांग्रेस नेता ने कहा- चीन के सामने प्रधानमंत्री ने सरेंडर किया; अगर वह चीन की धरती थी तो हमारे जवान क्यों शहीद हुए 4.चीन से झड़प के बाद भारत की तैयारियां: फाइटर प्लेन बॉर्डर के पास भेजे गए, एयरफोर्स चीफ ने लेह का अचानक दौरा किया था 5. एक्सप्लेनर: चीन के साथ विवाद की पूरी कहानी: 58 साल में चौथी बार एलएसी पर भारतीय जवान शहीद हुए 6. चीन के मुद्दे पर 3 दिन में राहुल गांधी का तीसरा बयान: कहा- सरकार गहरी नींद में थी, हमारे जवानों ने इसकी कीमत चुकाई 7. चीन की इलाके हथियाने की नीति: 6 देशों की 41.13 लाख स्क्वायर किमी जमीन पर चीन का कब्जा, ये उसकी कुल जमीन का 43% 8.चीन के खिलाफ अमेरिका भारत के साथ: अमेरिकी विदेश मंत्री और भारत में अमेरिका के राजदूत बोले- भारतीय जवानों को हमेशा याद रखेंगे 9.चीन का 4 दिन में 5वीं बार गलवान पर दावा /चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा- गलवान वैली हमारी सीमा में, भारत का जवाब- चीन के दावे का कोई आधार नहीं
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गलवान घाटी के अलावा चीन से सटी सभी सीमाओं पर भारतीय सेनाओं को अलर्ट पर रखा गया है। इन इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है।

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