आज 31 नए केस आए, दो मरीजों की मौत; अब कुल केस की संख्या 2828 पहुंची, इनमें से 2248 ठीक हुए

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राजधानी में रविवार कोकोरोना पॉजिटिव केसों का आंकड़ा 2828 पर पहुंच गया। रविवार को31 नए संक्रमित केस सामने आए। इसके अलावा दो मरीजों ने दम तोड़ दिया। ऐसे में यहां अबकुल संक्रमितों की मौत की संख्या 147 हो गई। जयपुर में2248 मरीजों को रिकवर होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है। इससे अब जयपुर में 433 ऐसे कोरोना पॉजिटिव केस है। जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। यहां मिले कुल मरीजों में140 प्रवासी राजस्थानी भी संक्रमित हैं।वहीं, अगर प्रदेश की बात की जाए तोराजस्थान में रविवार को कुल 154 कोरोना संक्रमित केस मिले। इससे कुल पॉजिटिव केस का आंकड़ा 14691 पहुंच गया। प्रदेश में अब तक संक्रमण से341 मरीजों की मौत हो चुकी है। रविवार को नए केसों में सबसे ज्यादा59 केस धौलपुर में, झुंझुनूं में 22 केस मिले। इससे पहले शनिवार को प्रदेश में कुल 381 नए केस सामने आए थे। वहीं, सात मरीजों ने दम तोड़ा था। जबकि जयपुर में 46 नए केस सामने आए थे।काेराेना के बढ़ते केसों से जयपुर में एक जुलाई से मेट्राे, लो फ्लाेर के चलने पर संकटकाेराेना मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से एक जुलाई से मेट्राे, लोफ्लाेर और मिनी बसाें के संचालन पर संकट खड़ा हाे गया है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधनों मे शहर के लाेग सबसे अधिक सफर करते हैं। ऐसे में काेराेना संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा है। इनमें साेशल डिस्टेंसिंग की पालना भी नहीं हाे सकती है।वहीं हर बस स्टैंड पर थर्मल स्क्रीनिंग भी संभव नहीं है। इसी वजह से सरकार एक जुलाई से भी इनके संचालन को लेकर असंमजसमें है। वैसे भी लो फ्लाेर और मेट्राे दाेनाें ही सरकार के लिए घाटा का साैदा साबित हाे रही है। इन्हें हर साल कराेड़ाें रुपए के फंड जारी करने पर अफसराें-कर्मचारियाें काे वेतन और बसाें का मेंटीनेंस हाे रहा है। फिलहाल,30 जून तक इनके संचालन पर पूरी तरह से राेक है।चांदपोल से मानसरोवर के बीच चलने वाली मेट्रो में हर दिन करीब 21 हजार यात्री सफर करते थे। 2 लाख 70 हजार रुपए की आय होती थी। लॉकडाउन के 90 दिन में मेट्रो को 2 करोड़ 44 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि मेट्रो हर साल 35 करोड़ के घाटे में है।
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जयपुर के आरयूएचएस में कोरोना पेंशेंट का उपचार चल रहा है। इस दौरान पिछले तीन माह से सबइंस्पेक्टर सुंदरलाल और पुलिस टीम वहां मुस्तैदी से ड्यूटी दे रही है।

राजधानी में रविवार कोकोरोना पॉजिटिव केसों का आंकड़ा 2828 पर पहुंच गया। रविवार को31 नए संक्रमित केस सामने आए। इसके अलावा दो मरीजों ने दम तोड़ दिया। ऐसे में यहां अबकुल संक्रमितों की मौत की संख्या 147 हो गई। जयपुर में2248 मरीजों को रिकवर होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है। इससे अब जयपुर में 433 ऐसे कोरोना पॉजिटिव केस है। जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। यहां मिले कुल मरीजों में140 प्रवासी राजस्थानी भी संक्रमित हैं।

वहीं, अगर प्रदेश की बात की जाए तोराजस्थान में रविवार को कुल 154 कोरोना संक्रमित केस मिले। इससे कुल पॉजिटिव केस का आंकड़ा 14691 पहुंच गया। प्रदेश में अब तक संक्रमण से341 मरीजों की मौत हो चुकी है। रविवार को नए केसों में सबसे ज्यादा59 केस धौलपुर में, झुंझुनूं में 22 केस मिले। इससे पहले शनिवार को प्रदेश में कुल 381 नए केस सामने आए थे। वहीं, सात मरीजों ने दम तोड़ा था। जबकि जयपुर में 46 नए केस सामने आए थे।

काेराेना के बढ़ते केसों से जयपुर में एक जुलाई से मेट्राे, लो फ्लाेर के चलने पर संकट

काेराेना मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से एक जुलाई से मेट्राे, लोफ्लाेर और मिनी बसाें के संचालन पर संकट खड़ा हाे गया है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधनों मे शहर के लाेग सबसे अधिक सफर करते हैं। ऐसे में काेराेना संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा है। इनमें साेशल डिस्टेंसिंग की पालना भी नहीं हाे सकती है।

वहीं हर बस स्टैंड पर थर्मल स्क्रीनिंग भी संभव नहीं है। इसी वजह से सरकार एक जुलाई से भी इनके संचालन को लेकर असंमजसमें है। वैसे भी लो फ्लाेर और मेट्राे दाेनाें ही सरकार के लिए घाटा का साैदा साबित हाे रही है। इन्हें हर साल कराेड़ाें रुपए के फंड जारी करने पर अफसराें-कर्मचारियाें काे वेतन और बसाें का मेंटीनेंस हाे रहा है। फिलहाल,30 जून तक इनके संचालन पर पूरी तरह से राेक है।

चांदपोल से मानसरोवर के बीच चलने वाली मेट्रो में हर दिन करीब 21 हजार यात्री सफर करते थे। 2 लाख 70 हजार रुपए की आय होती थी। लॉकडाउन के 90 दिन में मेट्रो को 2 करोड़ 44 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि मेट्रो हर साल 35 करोड़ के घाटे में है।

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जयपुर के आरयूएचएस में कोरोना पेंशेंट का उपचार चल रहा है। इस दौरान पिछले तीन माह से सबइंस्पेक्टर सुंदरलाल और पुलिस टीम वहां मुस्तैदी से ड्यूटी दे रही है।

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