एमबीएस अस्पताल में तीमारदारों को गर्मी लगी तो वेंटीलेटर का प्लग हटाकर कूलर चला दिया, नतीजा- दम तोड़ा मरीज ने

0
18

एमबीएस में 15 जून कोएक अजीबोगरीब वाकया हुआ। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक मरीज के तीमारदारों ने वेंटीलेटर का प्लग हटाकर उसमें कूलर की पिन लगा दी। कुछ देर तो बैट्री से वेंटीलेटर चलता रहा, लेकिन बाद में वेंटीलेटर ने काम करना बंद कर दिया। अचानक मरीज की स्थिति बिगड़ी तो डॉक्टरों ने उसका सीपीआर किया, लेकिन बचा नहीं पाए।गुस्साए परिजनों ने वहां मौजूद मेडिसिन विभाग के एक रेजीडेंट से अभद्रता कर दी और धमकी दी। बॉडी को कोविड टेस्ट के लिए नए अस्पताल भेजा गया, वहीं घटना से गुस्साए रेजीडेंट डॉक्टरों ने इमरजेंसी रूम समेत अन्य जगहों पर करीब एक घंटे तक काम नहीं किया, सभी रेजीडेंट अधीक्षक चैंबर पहुंच गए। जहां देर रात वार्ता के बाद सभी काम पर लौटे।अधीक्षक डॉ. नवीन सक्सेना ने बताया कि 40 वर्षीय विनोद नाम का मरीज मेडिसिन आईसीयू में एडमिट था। वो वेंटीलेटर पर था और काफी अच्छी स्थिति में था। इससे पहलेजयपुर में पॉजिटिव मिला पेशेंट भी मेडिसिन आईसीयू में एडमिट रह चुका था, ऐसे में हमने दोपहर में मेडिसिन आईसीयू खाली करा लिया, विनोद को आइसोलेशन में शिफ्ट कर दिया। हमारे डॉक्टरों ने उसे दो बार देखा भी था। वार्ड के स्टाफ ने मुझे सूचना दी कि शाम को मरीज के तीमारदार बाहर से एक छोटा कूलर लाए और उन्होंने बिजली के स्विच में से वेंटीलेटर की पिन हटाकर कूलर की लगा दी। वेंटीलेटर में करीब 25-30 मिनट की बैट्री होती है, उतनी देर तो वेंटीलेटर चला, लेकिन इसके बाद जैसे ही वेंटीलेटर बंद हुआ तो मरीज क्रिटिकल होने लगा। परिजनों ने बताया ताे स्टाफ दौड़ते हुए गया और मेडिसिन व एनीस्थिसिया विभाग के रेजीडेंट्स को कॉल भेजी। तभी पता चला कि वहां वेंटीलेटर की पिन हटी हुई थी और कूलर की पिन लगी थी। हमारे डॉक्टरों ने मरीज का सीपीआर किया, लेकिन बचा नहीं पाए।परेशान होते रहे मरीज, नए अस्पताल तक पहुंच गए इस घटना के विरोध में गुस्साए रेजीडेंट्स इमरजेंसी रूम छोड़कर चले गए। इसी बीच इमरजेंसी में जब मरीज आए तो वे इधर-उधर भटकते रहे। कुछ मरीज तो नए अस्पताल पहुंच गए, लेकिन वहां से भी उन्हें लौटा दिया गया। वहीं, कई मरीज इमरजेंसी रूम के बाहर बेंचों पर लेटे नजर आए।रेजीडेंट ने दी शिकायत, मामले की जांच कराएगा अस्पताल प्रशासनअधीक्षक ने बताया कि मेडिसिन विभाग के रेजीडेंट डॉ. वरुण ने लिखित शिकायत दी है कि उक्त मरीज के परिजनों ने उसके साथ अभद्रता की और धमकियां दी। जबकि उन्होंने मरीज को बचाने के पूरे प्रयास किए। हमने उनकी शिकायत ले ली है और उसकी जांच कराएंगे। जांच के बाद यदि जरूरत हुई तो हम नयापुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराएंगे। कुछ देर के लिए रेजीडेंट एकत्र होकर आ गए थे, लेकिन बाद में सभी काम पर लौट गए।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

कोटा के एमबीएस अस्पताल की घटना।

एमबीएस में 15 जून कोएक अजीबोगरीब वाकया हुआ। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक मरीज के तीमारदारों ने वेंटीलेटर का प्लग हटाकर उसमें कूलर की पिन लगा दी। कुछ देर तो बैट्री से वेंटीलेटर चलता रहा, लेकिन बाद में वेंटीलेटर ने काम करना बंद कर दिया। अचानक मरीज की स्थिति बिगड़ी तो डॉक्टरों ने उसका सीपीआर किया, लेकिन बचा नहीं पाए।

गुस्साए परिजनों ने वहां मौजूद मेडिसिन विभाग के एक रेजीडेंट से अभद्रता कर दी और धमकी दी। बॉडी को कोविड टेस्ट के लिए नए अस्पताल भेजा गया, वहीं घटना से गुस्साए रेजीडेंट डॉक्टरों ने इमरजेंसी रूम समेत अन्य जगहों पर करीब एक घंटे तक काम नहीं किया, सभी रेजीडेंट अधीक्षक चैंबर पहुंच गए। जहां देर रात वार्ता के बाद सभी काम पर लौटे।

अधीक्षक डॉ. नवीन सक्सेना ने बताया कि 40 वर्षीय विनोद नाम का मरीज मेडिसिन आईसीयू में एडमिट था। वो वेंटीलेटर पर था और काफी अच्छी स्थिति में था। इससे पहलेजयपुर में पॉजिटिव मिला पेशेंट भी मेडिसिन आईसीयू में एडमिट रह चुका था, ऐसे में हमने दोपहर में मेडिसिन आईसीयू खाली करा लिया, विनोद को आइसोलेशन में शिफ्ट कर दिया। हमारे डॉक्टरों ने उसे दो बार देखा भी था। वार्ड के स्टाफ ने मुझे सूचना दी कि शाम को मरीज के तीमारदार बाहर से एक छोटा कूलर लाए और उन्होंने बिजली के स्विच में से वेंटीलेटर की पिन हटाकर कूलर की लगा दी। वेंटीलेटर में करीब 25-30 मिनट की बैट्री होती है, उतनी देर तो वेंटीलेटर चला, लेकिन इसके बाद जैसे ही वेंटीलेटर बंद हुआ तो मरीज क्रिटिकल होने लगा। परिजनों ने बताया ताे स्टाफ दौड़ते हुए गया और मेडिसिन व एनीस्थिसिया विभाग के रेजीडेंट्स को कॉल भेजी। तभी पता चला कि वहां वेंटीलेटर की पिन हटी हुई थी और कूलर की पिन लगी थी। हमारे डॉक्टरों ने मरीज का सीपीआर किया, लेकिन बचा नहीं पाए।

परेशान होते रहे मरीज, नए अस्पताल तक पहुंच गए

इस घटना के विरोध में गुस्साए रेजीडेंट्स इमरजेंसी रूम छोड़कर चले गए। इसी बीच इमरजेंसी में जब मरीज आए तो वे इधर-उधर भटकते रहे। कुछ मरीज तो नए अस्पताल पहुंच गए, लेकिन वहां से भी उन्हें लौटा दिया गया। वहीं, कई मरीज इमरजेंसी रूम के बाहर बेंचों पर लेटे नजर आए।

रेजीडेंट ने दी शिकायत, मामले की जांच कराएगा अस्पताल प्रशासन
अधीक्षक ने बताया कि मेडिसिन विभाग के रेजीडेंट डॉ. वरुण ने लिखित शिकायत दी है कि उक्त मरीज के परिजनों ने उसके साथ अभद्रता की और धमकियां दी। जबकि उन्होंने मरीज को बचाने के पूरे प्रयास किए। हमने उनकी शिकायत ले ली है और उसकी जांच कराएंगे। जांच के बाद यदि जरूरत हुई तो हम नयापुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराएंगे। कुछ देर के लिए रेजीडेंट एकत्र होकर आ गए थे, लेकिन बाद में सभी काम पर लौट गए।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


कोटा के एमबीएस अस्पताल की घटना।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here