43 केंद्रों पर पहले स्क्रीनिंग, 6 फीट दूर बैठकर परीक्षा दी

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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ढाई माह से अटकी शेष परीक्षाएं गुरुवार से शुरू हो गई। पहले दिन 12वीं गणित का पेपर हुआ। 43 केंद्रों पर 855 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। छह अनुपस्थित रहे। सभी जगह कोरोना प्रॉटोकाल निभाने के लिए जरूरी प्रबंध किए गए।शहर में 8 केंद्रों क्रमश: शहीद मेजर नटवरसिंह शक्तावत राउमावि, राउमावि सेंती, रामावि पुरुषार्थी, स्टेशन बालिका, गाडियां लौहार, कुंभानगर उप्रावि में परीक्षा हुई। सुबह 8:30 बजे से था, लेकिन संक्रमण की दृष्टि से बदले माहौल और गाइडलाइन को देखते हुए आधे से एक घंटे पहले ही परीक्षार्थी केंद्रों पर आ गए।बाहर गोले बने थे। ताकि बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए अंदर आए और निकले। परीक्षार्थी को प्रवेश कराकर मेडिकल और स्कूल की टीमों ने थर्मल स्क्रीनिंग की। हाथ सेनेटाइज कराए। तापमान का अंकन किया। डीईओ शांतिलाल सुथार के निर्देशन में 4 उड़नदस्ते जिले में राउंड पर रहे।परीक्षार्थियों ने कहा कि पेपर तो अच्छा हुआ, लेकिन इस पेपर के चलते ढाई महीने चेन से नहीं रह पाए। चंदेरिया निवासी राधिका पंवार ने कहा कि सभी पेपर पहले ही हो जाते तो हम रिलेक्स रहते। तैयारी करते करते बोर हो गए। शिवानी ने कहा कि उस समय तो बहुत अच्छी तैयारी थी। अगर पेपर हो जाता तो लाॅकडाउन में अगली कक्षा की तैयारी करते।{आज मात्र 5 परीक्षार्थी और एक केंद्र ही…शुक्रवार को निम्बाहेडा राउमावि परीक्षा केंद्र पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रोग्रामिंग का पेपर होगा। इसमें मात्र पांच परीक्षार्थी पंजीकृत है।{ 22 जून से बढ़ेगी डिस्टेंस मेंटन करने की चुनौती, जिले में 5 से 8 हजार परीक्षार्थी…22 जून से परीक्षार्थी संख्या में इजाफा होगा। सोशल डिस्टेंसिंग की पालना केंद्राधीक्षकों के लिए चुनौती रहेगी। जैसे 22 जून को 86 केंद्रों पर भूगोल व व्यवसायिक विषय के पेपर में 5623 परीक्षार्थी है। इसी तरह 25 जून को हिंदी, उर्दू सिंधी सहित भाषाई परीक्षा में 7466 परीक्षार्थी भाग लेंगे। विभाग को और ज्यादा मेन पावर लगाना पड़ेगा।बदला माहौल: सभी मास्क में, जहां दो वीक्षकों से काम चलता, वहां तीन लगाने पड़ेप्रत्येक कक्ष में अधिकतम 15 बच्चों को ही बिठाने के निर्देश थे। वो भी कम से कम 6 फीट की दूरी पर। ऐसे में ज्यादातर जगह एक कक्ष में 10 से 15 परीक्षार्थी ही बैठे। नटवरसिंह शक्तावत स्कूल के प्रिंसिपल प्रकाश शर्मा ने बताया कि दो कक्षों में 22 परीक्षार्थी बैठे। पहले एक कक्ष में 24 परीक्षार्थी बैठते थे। जहां पहले दो वीक्षकों की ड्यूटी लगती, वहां इस बार तीन की लगानी पड़ी। केंद्राधीक्षक से लेकर वीक्षक तक हाथ में ग्लब्स, मास्क लगाए तैनात रहे। इससे पहले केंद्र सेनेटाइज किए।
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First screening at 43 centers, sitting 6 feet away and gave the exam

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ढाई माह से अटकी शेष परीक्षाएं गुरुवार से शुरू हो गई। पहले दिन 12वीं गणित का पेपर हुआ। 43 केंद्रों पर 855 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। छह अनुपस्थित रहे। सभी जगह कोरोना प्रॉटोकाल निभाने के लिए जरूरी प्रबंध किए गए।
शहर में 8 केंद्रों क्रमश: शहीद मेजर नटवरसिंह शक्तावत राउमावि, राउमावि सेंती, रामावि पुरुषार्थी, स्टेशन बालिका, गाडियां लौहार, कुंभानगर उप्रावि में परीक्षा हुई। सुबह 8:30 बजे से था, लेकिन संक्रमण की दृष्टि से बदले माहौल और गाइडलाइन को देखते हुए आधे से एक घंटे पहले ही परीक्षार्थी केंद्रों पर आ गए।

बाहर गोले बने थे। ताकि बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए अंदर आए और निकले। परीक्षार्थी को प्रवेश कराकर मेडिकल और स्कूल की टीमों ने थर्मल स्क्रीनिंग की। हाथ सेनेटाइज कराए। तापमान का अंकन किया। डीईओ शांतिलाल सुथार के निर्देशन में 4 उड़नदस्ते जिले में राउंड पर रहे।
परीक्षार्थियों ने कहा कि पेपर तो अच्छा हुआ, लेकिन इस पेपर के चलते ढाई महीने चेन से नहीं रह पाए। चंदेरिया निवासी राधिका पंवार ने कहा कि सभी पेपर पहले ही हो जाते तो हम रिलेक्स रहते। तैयारी करते करते बोर हो गए। शिवानी ने कहा कि उस समय तो बहुत अच्छी तैयारी थी। अगर पेपर हो जाता तो लाॅकडाउन में अगली कक्षा की तैयारी करते।
{आज मात्र 5 परीक्षार्थी और एक केंद्र ही…शुक्रवार को निम्बाहेडा राउमावि परीक्षा केंद्र पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रोग्रामिंग का पेपर होगा। इसमें मात्र पांच परीक्षार्थी पंजीकृत है।
{ 22 जून से बढ़ेगी डिस्टेंस मेंटन करने की चुनौती, जिले में 5 से 8 हजार परीक्षार्थी…22 जून से परीक्षार्थी संख्या में इजाफा होगा। सोशल डिस्टेंसिंग की पालना केंद्राधीक्षकों के लिए चुनौती रहेगी। जैसे 22 जून को 86 केंद्रों पर भूगोल व व्यवसायिक विषय के पेपर में 5623 परीक्षार्थी है। इसी तरह 25 जून को हिंदी, उर्दू सिंधी सहित भाषाई परीक्षा में 7466 परीक्षार्थी भाग लेंगे। विभाग को और ज्यादा मेन पावर लगाना पड़ेगा।

बदला माहौल: सभी मास्क में, जहां दो वीक्षकों से काम चलता, वहां तीन लगाने पड़े
प्रत्येक कक्ष में अधिकतम 15 बच्चों को ही बिठाने के निर्देश थे। वो भी कम से कम 6 फीट की दूरी पर। ऐसे में ज्यादातर जगह एक कक्ष में 10 से 15 परीक्षार्थी ही बैठे। नटवरसिंह शक्तावत स्कूल के प्रिंसिपल प्रकाश शर्मा ने बताया कि दो कक्षों में 22 परीक्षार्थी बैठे। पहले एक कक्ष में 24 परीक्षार्थी बैठते थे। जहां पहले दो वीक्षकों की ड्यूटी लगती, वहां इस बार तीन की लगानी पड़ी। केंद्राधीक्षक से लेकर वीक्षक तक हाथ में ग्लब्स, मास्क लगाए तैनात रहे। इससे पहले केंद्र सेनेटाइज किए।

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First screening at 43 centers, sitting 6 feet away and gave the exam

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