श्रीलंका के पूर्व खेल मंत्री का आरोप-2011 वर्ल्ड कप फाइनल फिक्स था, संगकारा और जयवर्धने बोले- नाम और सबूत पेश करें

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श्रीलंका के पूर्व कप्तान अर्जुन रणातुंगा के बाद पूर्व खेल मंत्री महिंदानंदा अलुथगामा ने दावा किया है कि 2011 वर्ल्ड कप फाइनल फिक्स था। उन्होंने कहा कि तब मैं खेल मंत्री था लेकिन फिर भी मुझे विश्वास है कि ऐसा हुआ था। तत्कालीन कप्तान कुमार संगकारा और बल्लेबाज महेला जयवर्धने ने पूर्वखेल मंत्री से फाइनल फिक्स होने से जुड़े सबूत मांगे हैं।जयवर्धने ने ट्वीट किया, लगता है कि चुनाव करीब आ गए हैं। सर्कस शुरू हो चुका है। आरोप लगाने वाला नाम और सबूत पेश करे। महिंदानंदा 2010 से 2015 तक खेल मंत्री थे और अभी श्रीलंका सरकार में उर्जा मंत्री हैं। उन्होंने श्रीलंका के सिरसा टीवी से बातचीत के दौरान वर्ल्ड कप फाइनल फिक्स होने की बात कही।Is the elections around the corner 🤔Looks like the circus has started 🤡 names and evidence? #SLpolitics #ICC https://t.co/bA4FxdqXhu— Mahela Jayawardena (@MahelaJay) June 18, 2020हम 2011 में जीत सकते थे: पूर्व खेल मंत्री उन्होंने कहा कि तब मैं इस साजिश के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता था। लेकिन अब लगता है कि इस पर बात की जा सकती है।मैं इसमें खिलाड़ियों को शामिल नहीं करूंगा, लेकिन कुछ ग्रुप पक्के तौर पर मैच फिक्स करने में शामिल थे।रणातुंगा भी फाइनल फिक्स होने के आरोप लगा चुके हैंतीन साल पहले श्रीलंका के पूर्वकप्तान और कॉमेंटेटर अर्जुन रणातुंगा ने भी 2011 विश्व कप के फाइनल में टीम की हार पर शक जताया था। तब उन्होंने कहा था, ‘‘जब हम हारे तो मैं बहुत दुखी था और मुझे शक हो रहा था। 2011 के विश्व कप फाइनल में श्रीलंकाई टीम क्यों हारी, इसकी जरूरी जांच की जानी चाहिए। मैं अभी तो सारे खुलासे नहीं कर सकता हूं, लेकिन एक दिन जरूर बताऊंगा।’’ रणातुंगा 2011 के फाइनल मैच के दिन वानखेड़े स्टेडियम में कॉमेंट्री कर रहे थे। श्रीलंका के एक अन्य पूर्व खेल मंत्री हरिन फर्नांडो भी कह चुके हैं कि श्रीलंका क्रिकेट में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार है और आईसीसी ने श्रीलंका को दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में से एक माना है।भारत 28 साल बाद वर्ल्ड कप जीता था2011 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए वर्ल्ड कप फाइनल में टीम इंडिया श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर 28 साल बाद वर्ल्ड चैंपियन बनी थी। इस मैच में श्रीलका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 274 रन बनाए थे। महेला जयवर्धने ने 103, कुमार संगकारा ने 30 और कुलशेखरा ने 40 रन बनाए थे।लक्ष्य का पीछा करते हुए मलिंगा ने सचिन और सहवाग को जल्दी आउट कर दिया था, लेकिन गौतम गंभीर (97) और फिर महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी के दम पर भारत ने दूसरी बार खिताब जीता।आईसीसी भी श्रीलंका क्रिकेट में करप्शन की जांच कर रहाक्रिकेट में भ्रष्टाचार से जुड़े विवादों में अक्सर श्रीलंका क्रिकेट का नाम आता है। इस महीने की शुरुआत में, श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड ने कहा था कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल कथित भ्रष्टाचार को लेकर तीन पूर्व खिलाड़ियों की जांच कर रही है। हालांकि, आईसीसी ने नामों का खुलासा नहीं किया था।जयसूर्या भी 2 साल के लिए बैन हो चुके हैंक्रिकेट में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पिछले साल नवंबर में श्रीलंका बोर्ड ने मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ कड़े जुर्माने का प्रावधान किया था। इससे पहले,आईसीसी के एंटी करप्शन कोड के उल्लंघन की वजह सेपूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या और पूर्व तेज गेंदबाज नुवान जोयसा के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।जयसूर्या को मैच फिक्सिंग की जांच में सहयोग नहीं करने की वजह से दो साल के लिए बैन किया गया था, जबकि जोयसामैच फिक्सिंग के आरोप में सस्पेंड हुए थे।
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भारत ने 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका को 6 विकेट से हराया था। तब टीम इंडिया 28 साल बाद चैम्पियन बनी थी।

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