गंभीर अपराधों में सजा भुगत रहे कैदियों को विशेष पैरोल पर रिहा नहीं करना असंवैधानिक नहीं

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(संजीव शर्मा)।हाईकोर्ट ने कोविड: 19 के चलते विशेष पैरोल देने से जुड़े मामले में कहा है कि गंभीर और सरकार को प्रभावित करने वाले अपराधों के मुकदमों में सजा भुगत रहे अपराधियों को कोरोना के तहत विशेष पैरोल पर रिहा नहीं करने की पाबंदी को असंवैधानिक नहीं कहा जा सकता। अदालत ने यह आदेश मोनू व अन्य की याचिका खारिज करते हुए दिया।याचिका में कहा था कि सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते जेलों में बंदियों की संख्या कम करने के लिए पैरोल नियमों में संशोधन कर नियम 10-बी जोड़ा है। इसके अनुसार, एसिड अटैक, दुष्कर्म, डकैती, हत्या, धारा 4 और धारा 6 से जुडे पॉक्सो अधिनियम के अपराध, मादक पदार्थ अधिनियम, आर्थिक अपराध, एसीबी अधिनियम, मनी लॉड्रिंग, राष्ट्र विरोधी गतिविधि और विधि विरूद्ध क्रिया कलाप निवारण अधिनियम सहित अन्य समान प्रकृति के मामले व सीबीआई मुकदमों में शामिल अपराधियों को छोड़कर अन्य अपराधियों को विशेष पैरोल पर रिहा करने का प्रावधान है।कैदियों के बीच इस तरीके से पैरोल देने में भेदभाव करना असंवैधानिक है। प्रार्थियों सहित अन्य कैदियों के चाल-चलन पर उन्हें खुली जेल में भेजने का निर्णय भी हो चुका है। लेकिन फिर भी उन्हें विशेष पैरोल नहीं दी जा रही जो असंवैधानिक है। इसलिए उन्हें विशेष पैरोल पर रिहा किया जाए।
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HC : Not releasing prisoners on special parole for those convicted for serious offenses is not unconstitutional

(संजीव शर्मा)।हाईकोर्ट ने कोविड: 19 के चलते विशेष पैरोल देने से जुड़े मामले में कहा है कि गंभीर और सरकार को प्रभावित करने वाले अपराधों के मुकदमों में सजा भुगत रहे अपराधियों को कोरोना के तहत विशेष पैरोल पर रिहा नहीं करने की पाबंदी को असंवैधानिक नहीं कहा जा सकता। अदालत ने यह आदेश मोनू व अन्य की याचिका खारिज करते हुए दिया।

याचिका में कहा था कि सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते जेलों में बंदियों की संख्या कम करने के लिए पैरोल नियमों में संशोधन कर नियम 10-बी जोड़ा है। इसके अनुसार, एसिड अटैक, दुष्कर्म, डकैती, हत्या, धारा 4 और धारा 6 से जुडे पॉक्सो अधिनियम के अपराध, मादक पदार्थ अधिनियम, आर्थिक अपराध, एसीबी अधिनियम, मनी लॉड्रिंग, राष्ट्र विरोधी गतिविधि और विधि विरूद्ध क्रिया कलाप निवारण अधिनियम सहित अन्य समान प्रकृति के मामले व सीबीआई मुकदमों में शामिल अपराधियों को छोड़कर अन्य अपराधियों को विशेष पैरोल पर रिहा करने का प्रावधान है।

कैदियों के बीच इस तरीके से पैरोल देने में भेदभाव करना असंवैधानिक है। प्रार्थियों सहित अन्य कैदियों के चाल-चलन पर उन्हें खुली जेल में भेजने का निर्णय भी हो चुका है। लेकिन फिर भी उन्हें विशेष पैरोल नहीं दी जा रही जो असंवैधानिक है। इसलिए उन्हें विशेष पैरोल पर रिहा किया जाए।

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