बनास नदी में नियमों की अवहेलना कर अवैध रेत खनन पर चार लीजधारकों की लीज निलंबित

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बनास नदी क्षेत्र में बजरी के अवैध खनन अाैर नियमों की अवहेलना करने पर कलेक्टर अरविंद कुमार पाेसवाल ने चारों लीजधारकों की लीज को निलम्बित कर ऑनलाइन रवन्ना काटने की सुविधा को भी बंद कर दिया है। लीजधारकों की तरफ से अवैध बजरी खनन करने पर जिला प्रशासन तथा खनन विभाग ने चाराें पर 5 कराेड़ 73 लाख रुपए की पैनल्टी भी लगाई है।लीजधारक सोहनलाल मेघवाल के बामनिया कला नदी क्षेत्र में 1 लाख 60 हजार टन बजरी का अवैध खनन करने पर सर्वाधिक 5 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई है। कलेक्टर ने बताया कि भौतिक सत्यापन में स्वीकृत लीजधारक सोहनलाल मेघवाल द्वारा बामनिया कला के नदी क्षेत्र में एक लाख 60 हजार टन बजरी का अवैध खनन करना पाया गया। इस पर उसके खिलाफ 5 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई है।इसी प्रकार लीजधारक आशा मेघवंशी द्वारा चौकड़ी क्षेत्र में 7 हजार टन बजरी के अवैध खनन करने पर 28 लाख रुपए की पैनल्टी, लीजधारक मगना भील द्वारा चौकड़ी क्षेत्र में 11 हजार टन बजरी का अवैध खनन करने पर 35 लाख रुपए की पैनल्टी तथा लीजधारक हिम्मतलाल गरासिया द्वारा सकरावास क्षेत्र में 2800 टन बजरी का अवैध खनन करने पर 10 लाख रुपए की पैनल्टी लगाई है।पैनल्टी राशि वसूलने के साथ ही इनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर के अनुसार 10 दिन से लीजधारकों के खिलाफ अवैध खनन करने की शिकायतें मिल रही थी। इस पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए खनन विभाग को स्वीकृत लीज क्षेत्र का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। खनन विभाग की तरफ से किए गए भौतिक सत्यापन में पाया गया कि स्वीकृत लीजधारक बड़ी मात्रा में अवैध खनन कर अवैध रूप से रवन्ना काट रहे हैं।इस पर प्रशासन ने तुरन्त कार्यवाही करते हुए चारों लीजधारकों की लीज को निलम्बित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि कई दिनों से लगातार इनके खिलाफ शिकायतें मिलने पर जिला प्रशासन, खनन विभाग ने लीजधारकों के स्तर पर लीज क्षेत्र में किए गए खनन का भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन में बड़ी मात्रा में बजरी का अवैध खनन करना पाया गया।जिला प्रशासन ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार तथा उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया है। उच्चाधिकारियाें से सख्त कार्यवाही के निर्देश मिलने पर कलेक्टर पोसवाल ने चाराें की लीज निलंबित कर दी है।इन गांवाें में हाेता है अवैध बजरी खनन : बनास नदी के किनारों पर बसे गांवाें में अवैध बजरी खनन होता है। इनमें खमनोर, मोलेला, मोही, पीपली आचार्यान, राज्यावास, नमाना, बामनहेड़ा, जीतावास आदि गांवों में अवैध बजरी खनन हो रहा था।लीज रद्द करने के लिए राज्य सरकार को भेजेंगे प्रस्तावचारों लीजधारकों काे लीज क्षेत्र में खनन करने के नियमों के उल्लंघन का दाेषी माना है। लीज शर्तों की पालना नहीं करने तथा बड़ी मात्रा में अवैध खनन कर अवैध रूप से रवन्ना काटने को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। चारों लीजधारकों की लीज रद्द करने के लिए खनन विभाग राज्य सरकार को अनुशंसा प्रस्ताव भेजेगी। कलेक्टर ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की एसएलपी संख्या 10587/2019 द्वारा राज्य सरकारों को बजरी के अवैध खनन को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसकी अनुपालना में यह कार्रवाई की है।
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Lease of four leaseholders suspended for illegal sand mining in Banas river in violation of rules

बनास नदी क्षेत्र में बजरी के अवैध खनन अाैर नियमों की अवहेलना करने पर कलेक्टर अरविंद कुमार पाेसवाल ने चारों लीजधारकों की लीज को निलम्बित कर ऑनलाइन रवन्ना काटने की सुविधा को भी बंद कर दिया है। लीजधारकों की तरफ से अवैध बजरी खनन करने पर जिला प्रशासन तथा खनन विभाग ने चाराें पर 5 कराेड़ 73 लाख रुपए की पैनल्टी भी लगाई है।

लीजधारक सोहनलाल मेघवाल के बामनिया कला नदी क्षेत्र में 1 लाख 60 हजार टन बजरी का अवैध खनन करने पर सर्वाधिक 5 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई है। कलेक्टर ने बताया कि भौतिक सत्यापन में स्वीकृत लीजधारक सोहनलाल मेघवाल द्वारा बामनिया कला के नदी क्षेत्र में एक लाख 60 हजार टन बजरी का अवैध खनन करना पाया गया। इस पर उसके खिलाफ 5 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई है।

इसी प्रकार लीजधारक आशा मेघवंशी द्वारा चौकड़ी क्षेत्र में 7 हजार टन बजरी के अवैध खनन करने पर 28 लाख रुपए की पैनल्टी, लीजधारक मगना भील द्वारा चौकड़ी क्षेत्र में 11 हजार टन बजरी का अवैध खनन करने पर 35 लाख रुपए की पैनल्टी तथा लीजधारक हिम्मतलाल गरासिया द्वारा सकरावास क्षेत्र में 2800 टन बजरी का अवैध खनन करने पर 10 लाख रुपए की पैनल्टी लगाई है।

पैनल्टी राशि वसूलने के साथ ही इनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर के अनुसार 10 दिन से लीजधारकों के खिलाफ अवैध खनन करने की शिकायतें मिल रही थी। इस पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए खनन विभाग को स्वीकृत लीज क्षेत्र का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। खनन विभाग की तरफ से किए गए भौतिक सत्यापन में पाया गया कि स्वीकृत लीजधारक बड़ी मात्रा में अवैध खनन कर अवैध रूप से रवन्ना काट रहे हैं।

इस पर प्रशासन ने तुरन्त कार्यवाही करते हुए चारों लीजधारकों की लीज को निलम्बित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि कई दिनों से लगातार इनके खिलाफ शिकायतें मिलने पर जिला प्रशासन, खनन विभाग ने लीजधारकों के स्तर पर लीज क्षेत्र में किए गए खनन का भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन में बड़ी मात्रा में बजरी का अवैध खनन करना पाया गया।

जिला प्रशासन ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार तथा उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया है। उच्चाधिकारियाें से सख्त कार्यवाही के निर्देश मिलने पर कलेक्टर पोसवाल ने चाराें की लीज निलंबित कर दी है।
इन गांवाें में हाेता है अवैध बजरी खनन : बनास नदी के किनारों पर बसे गांवाें में अवैध बजरी खनन होता है। इनमें खमनोर, मोलेला, मोही, पीपली आचार्यान, राज्यावास, नमाना, बामनहेड़ा, जीतावास आदि गांवों में अवैध बजरी खनन हो रहा था।

लीज रद्द करने के लिए राज्य सरकार को भेजेंगे प्रस्ताव

चारों लीजधारकों काे लीज क्षेत्र में खनन करने के नियमों के उल्लंघन का दाेषी माना है। लीज शर्तों की पालना नहीं करने तथा बड़ी मात्रा में अवैध खनन कर अवैध रूप से रवन्ना काटने को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। चारों लीजधारकों की लीज रद्द करने के लिए खनन विभाग राज्य सरकार को अनुशंसा प्रस्ताव भेजेगी। कलेक्टर ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की एसएलपी संख्या 10587/2019 द्वारा राज्य सरकारों को बजरी के अवैध खनन को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसकी अनुपालना में यह कार्रवाई की है।

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