कृषि छात्रों को मिलेगा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ तकनीकी अनुसंधान सुविधाओं का लाभ

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एमपीयूएटी ने नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनडीआरआई) करनाल के साथ एमओयू किया है। छात्र हित में पांच साल के लिए यह समझौता मंगलवार को हुई ऑनलाइन बैठक में कुलपति डाॅ. नरेंद्र सिंह राठौड़ और एनडीआरआई निदेशक डाॅ. मनमोहन सिंह चाैहान ने किया।कुलपति डाॅ. राठौड़ ने बताया कि इसके तहत एमपीयूएटी में पशुपालन विभाग में प्रवेश लेने वाले स्नातकोत्तर विद्यार्थी आईसीएआर-एनडीआरआई (डीम्ड विश्वविद्यालय) की मेंडेट के अनुसार सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। छात्रों को एनडीआरआई से सम्बद्ध अनुभवी वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में वहां की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी अनुसंधान सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।उन्होंने बताया कि दोनों ही संस्थानों के वैज्ञानिक परस्पर स्नातकोत्तर, पीएचडी शोधकार्य और थीसिस गाइड कर सकेंगे। इस प्रकार उत्पादित शोध नतीजों पर दोनों ही संस्थानों का संयुक्त अधिकार रहेगा। एनडीआरआई के निदेशक डाॅ. एम. एस. चौहान ने बताया कि मॉलिक्यूलर एंडाेक्राइनोलोजी, फंक्शनल जिनोमिक्स और सिस्टम बायोलॉजी जैसी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का लाभ एमपीयूएटी को मिलेगा।बैठक में एमपीयूएटी के अनुसंधान निदेशक डाॅ. अभय कुमार मेहता, प्रसार शिक्षा निदेशक डाॅ. एसएल मूंदड़ा, डाॅ. बीपी नंदवाना, डीन आरसीए डाॅ. अरुणाभ जोशी, डीन फिशरीज डाॅ. सुबोध शर्मा, क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ. एसके शर्मा, डाॅ. वीरेंद्र नेपालिया मौजूद थे।
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एमपीयूएटी ने नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनडीआरआई) करनाल के साथ एमओयू किया है। छात्र हित में पांच साल के लिए यह समझौता मंगलवार को हुई ऑनलाइन बैठक में कुलपति डाॅ. नरेंद्र सिंह राठौड़ और एनडीआरआई निदेशक डाॅ. मनमोहन सिंह चाैहान ने किया।

कुलपति डाॅ. राठौड़ ने बताया कि इसके तहत एमपीयूएटी में पशुपालन विभाग में प्रवेश लेने वाले स्नातकोत्तर विद्यार्थी आईसीएआर-एनडीआरआई (डीम्ड विश्वविद्यालय) की मेंडेट के अनुसार सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। छात्रों को एनडीआरआई से सम्बद्ध अनुभवी वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में वहां की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी अनुसंधान सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि दोनों ही संस्थानों के वैज्ञानिक परस्पर स्नातकोत्तर, पीएचडी शोधकार्य और थीसिस गाइड कर सकेंगे। इस प्रकार उत्पादित शोध नतीजों पर दोनों ही संस्थानों का संयुक्त अधिकार रहेगा। एनडीआरआई के निदेशक डाॅ. एम. एस. चौहान ने बताया कि मॉलिक्यूलर एंडाेक्राइनोलोजी, फंक्शनल जिनोमिक्स और सिस्टम बायोलॉजी जैसी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का लाभ एमपीयूएटी को मिलेगा।

बैठक में एमपीयूएटी के अनुसंधान निदेशक डाॅ. अभय कुमार मेहता, प्रसार शिक्षा निदेशक डाॅ. एसएल मूंदड़ा, डाॅ. बीपी नंदवाना, डीन आरसीए डाॅ. अरुणाभ जोशी, डीन फिशरीज डाॅ. सुबोध शर्मा, क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ. एसके शर्मा, डाॅ. वीरेंद्र नेपालिया मौजूद थे।

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