सुशांत की आत्महत्या के बाद रवीना बोलीं- यहां कैम्पबाजी होती है, मुझे फिल्मों से निकलवाया गया

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सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म यानी भाई-भतीजावाद का मामला गरमा गया था। पिछले दिनों कंगना रनोट ने दावा किया था कि आउटसाइडर होने की वजह से सुशांत को बॉलीवुड में नजरअंदाज किया गया। अब इस मामले में रवीना टंडन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फिल्म इंडस्ट्री में कैम्पबाजी होती है और वे खुद भी नेपोटिज्म का शिकार रही हैं।रविवार को डिप्रेशन से जूझ रहे सुशांत ने आत्महत्या की और सोमवार को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया। रवीना ने सोमवार रात सुशांत को याद करते हुए एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने लिखा, “किसको पता था कि यह यंग एनर्जेटिक मस्ती पसंद लड़का अपने डांस और मुस्कान के पीछे गहरा दुख छिपाए हुए था। काश कि वह अपने सबसे करीबी दोस्तों तक पहुंच जाता।”‘इंडस्ट्री में कैम्प मौजूद हैं’अगले ट्वीट में रवीना ने बॉलीवुड की कैम्पबाजी का खुलासा किया। वे लिखती हैं, “इंडस्ट्री की मीन गर्ल गैंग। कैम्प भी मौजूद हैं। लोगों का मजाक उड़ाया जाता है। हीरो, उनकी गर्लफ्रेंड्स, पत्रकारों, चमचों और करियर बर्बाद करने वाली फर्जी खबरों ने मुझे फिल्मों से निकलवाया है। कई बार करियर बर्बाद हो जाता है। आपको यहां बने रहने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। कुछ सर्वाइव कर जाते हैं तो कुछ नहीं।”##’गंदी राजनीति मन खट्टा कर देती है’रवीना ने अगले ट्वीट में लिखा है, “जब आप सच्चाई बयां करते हैं तो आपको झूठा, पागल, साइको साबित कर दिया जाता है। चमचे पत्रकार आपकी कड़ी मेहनत को बर्बाद करने के लिए पेज भर-भर कर लिखते हैं। फिर चाहे आप इंडस्ट्री में ही पैदा क्यों न हुए हों। हालांकि, मुझे इंडस्ट्री ने जो दिया, उसके लिए मैं हमेशा इसकी आभारी हूं। लेकिन किसी के द्वारा यहां की गई गंदी राजनीति आपका मन खट्टा कर देती है।”##’हर जगह गंदी राजनीति होती है’रवीना ने नेपोटिज्म पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि कोई ऐसा इंसान भी इसका शिकार हो सकता है, जो इंडस्ट्री में ही पैदा हुआ हो। वे लिखती हैं, “जैसा कि मैं सुन सकती हूं कि कुछ एंकर्स इनसाइडर्स/आउटसाइडर्स की बात बड़े जोर-शोर से करते हैं। लेकिन आपको लड़ना पड़ता है। जितना ज्यादा उन्होंने मुझे दबाने की कोशिश की, मैंने उतनी ही तगड़ी फाइट की। हर जगह गंदी राजनीति होती है।”##’इंडस्ट्री में दबाव बहुत ज्यादा है’अंत में रवीना ने लिखा है, “मैं अपनी इंडस्ट्री से बहुत प्यार करती हूं। लेकिन हां, दबाव बहुत ज्यादा है। यहां अच्छे लोग हैं और ऐसे लोग भी हैं, जो गंदी राजनीति करते हैं। यहां हर तरह के लोग हैं और दुनिया इसी से चलती है। टुकड़ों को उठाना है, बार-बार चलना है और सिर को ऊंचा रखना है। मैं बेहतर कल के लिए दुआ करती हूं।”##2017 में भी किया था ऐसा ही खुलासारवीना ने 2017 में दैनिक भास्कर से बातचीत में भी ऐसा ही खुलासा किया था। लाइफ के मुश्किल वक्त को याद करते हुए उन्होंने बताया था, “मैंने एक फिल्म साइन की। सुबह पता चला कि फिल्म से निकाल दी गई हूं। शाम को मैंने उसके मुहूर्त में जाने की तैयारियां कर रखी थीं। बाद में उस फिल्म के हीरो की गर्लफ्रेंड को वह रोल दे दिया गया।”
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रवीना 2017 में भी नेपोटिज्म के खिलाफ आवाज उठा चुकी हैं।

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म यानी भाई-भतीजावाद का मामला गरमा गया था। पिछले दिनों कंगना रनोट ने दावा किया था कि आउटसाइडर होने की वजह से सुशांत को बॉलीवुड में नजरअंदाज किया गया। अब इस मामले में रवीना टंडन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फिल्म इंडस्ट्री में कैम्पबाजी होती है और वे खुद भी नेपोटिज्म का शिकार रही हैं।

रविवार को डिप्रेशन से जूझ रहे सुशांत ने आत्महत्या की और सोमवार को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया। रवीना ने सोमवार रात सुशांत को याद करते हुए एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने लिखा, “किसको पता था कि यह यंग एनर्जेटिक मस्ती पसंद लड़का अपने डांस और मुस्कान के पीछे गहरा दुख छिपाए हुए था। काश कि वह अपने सबसे करीबी दोस्तों तक पहुंच जाता।”

‘इंडस्ट्री में कैम्प मौजूद हैं’

अगले ट्वीट में रवीना ने बॉलीवुड की कैम्पबाजी का खुलासा किया। वे लिखती हैं, “इंडस्ट्री की मीन गर्ल गैंग। कैम्प भी मौजूद हैं। लोगों का मजाक उड़ाया जाता है। हीरो, उनकी गर्लफ्रेंड्स, पत्रकारों, चमचों और करियर बर्बाद करने वाली फर्जी खबरों ने मुझे फिल्मों से निकलवाया है। कई बार करियर बर्बाद हो जाता है। आपको यहां बने रहने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। कुछ सर्वाइव कर जाते हैं तो कुछ नहीं।”

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‘गंदी राजनीति मन खट्टा कर देती है’

रवीना ने अगले ट्वीट में लिखा है, “जब आप सच्चाई बयां करते हैं तो आपको झूठा, पागल, साइको साबित कर दिया जाता है। चमचे पत्रकार आपकी कड़ी मेहनत को बर्बाद करने के लिए पेज भर-भर कर लिखते हैं। फिर चाहे आप इंडस्ट्री में ही पैदा क्यों न हुए हों। हालांकि, मुझे इंडस्ट्री ने जो दिया, उसके लिए मैं हमेशा इसकी आभारी हूं। लेकिन किसी के द्वारा यहां की गई गंदी राजनीति आपका मन खट्टा कर देती है।”

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‘हर जगह गंदी राजनीति होती है’

रवीना ने नेपोटिज्म पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि कोई ऐसा इंसान भी इसका शिकार हो सकता है, जो इंडस्ट्री में ही पैदा हुआ हो। वे लिखती हैं, “जैसा कि मैं सुन सकती हूं कि कुछ एंकर्स इनसाइडर्स/आउटसाइडर्स की बात बड़े जोर-शोर से करते हैं। लेकिन आपको लड़ना पड़ता है। जितना ज्यादा उन्होंने मुझे दबाने की कोशिश की, मैंने उतनी ही तगड़ी फाइट की। हर जगह गंदी राजनीति होती है।”

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‘इंडस्ट्री में दबाव बहुत ज्यादा है’

अंत में रवीना ने लिखा है, “मैं अपनी इंडस्ट्री से बहुत प्यार करती हूं। लेकिन हां, दबाव बहुत ज्यादा है। यहां अच्छे लोग हैं और ऐसे लोग भी हैं, जो गंदी राजनीति करते हैं। यहां हर तरह के लोग हैं और दुनिया इसी से चलती है। टुकड़ों को उठाना है, बार-बार चलना है और सिर को ऊंचा रखना है। मैं बेहतर कल के लिए दुआ करती हूं।”

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2017 में भी किया था ऐसा ही खुलासा

रवीना ने 2017 में दैनिक भास्कर से बातचीत में भी ऐसा ही खुलासा किया था। लाइफ के मुश्किल वक्त को याद करते हुए उन्होंने बताया था, “मैंने एक फिल्म साइन की। सुबह पता चला कि फिल्म से निकाल दी गई हूं। शाम को मैंने उसके मुहूर्त में जाने की तैयारियां कर रखी थीं। बाद में उस फिल्म के हीरो की गर्लफ्रेंड को वह रोल दे दिया गया।”

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रवीना 2017 में भी नेपोटिज्म के खिलाफ आवाज उठा चुकी हैं।

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