शोभना शर्मा। राजस्थान की राजधानी जयपुर की सेंट्रल जेल से शनिवार तड़के दो कैदियों के फरार होने की घटना ने पूरे प्रशासन और पुलिस विभाग को सकते में डाल दिया है। यह घटना सुबह करीब साढ़े तीन बजे की बताई जा रही है। जेल प्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों कैदी चोरी के मामलों में बंद थे और उन्होंने पाइप के सहारे जेल की ऊँची दीवार फांदकर फरारी का रास्ता निकाला।
फरार कैदियों की पहचान
जेल प्रशासन ने फरार कैदियों की पहचान अनस और नवल किशोर के रूप में की है। जानकारी के अनुसार, अनस को इसी महीने की 15 सितंबर को चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहीं, नवल किशोर को भी चोरी के एक अन्य मामले में 17 सितंबर को जेल में बंद किया गया था। दोनों ही कैदी हाल ही में जेल में आए थे और अभी अंडर ट्रायल थे। यह तथ्य और भी चिंताजनक है कि नए कैदी इतनी आसानी से जेल से भागने में सफल हो गए।
जेल सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जयपुर सेंट्रल जेल को राज्य की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है। यहां कड़ी चौकसी और हर समय निगरानी का दावा किया जाता है। इसके बावजूद कैदियों का पाइप का सहारा लेकर दीवार फांद जाना सुरक्षा में बड़ी चूक को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी ऊँची दीवार फांदने के लिए कैदियों को तैयारी का समय और योजना की जरूरत होती है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि जेल कर्मचारियों की लापरवाही ने उन्हें यह मौका दिया।
पुलिस ने शुरू की तलाशी
घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेल परिसर की सुरक्षा जांची गई और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ शुरू की गई। वहीं, फरार कैदियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। पूरे जयपुर में नाकाबंदी कर दी गई है और बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को फरार कैदियों के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत सूचित करें।
जेल में लगातार मिल रहे मोबाइल
गौर करने वाली बात यह है कि जयपुर सेंट्रल जेल से कैदियों के फरार होने की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब पिछले कुछ दिनों से जेल के अंदर से लगातार मोबाइल फोन मिलने की घटनाएं हो रही थीं। केवल पिछले 15 दिनों में चार बार तलाशी अभियान चलाकर मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह साफ संकेत है कि जेल में अवैध तरीके से मोबाइल पहुंच रहे हैं और कैदी बाहरी दुनिया से संपर्क साध रहे हैं। यही नहीं, कुछ कैदियों ने जेल के अंदर वीडियो भी बनाए थे, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।


