राजस्थान में बालिका शिक्षा और रक्षा क्षेत्र में करियर को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य में पहली बार दो सरकारी बालिका सैनिक स्कूल इस सत्र से शुरू होने जा रहे हैं। इन स्कूलों के लिए छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। बीकानेर और सीकर में खुलने वाले इन स्कूलों की कुल 160 सीटों के लिए करीब 13 हजार छात्राओं ने आवेदन किया है।
इसका मतलब है कि छठी कक्षा में एक सीट के लिए औसतन 72 दावेदार मैदान में हैं, जिससे प्रवेश प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धी हो गई है।
केंद्र की तर्ज पर, राज्य की आरक्षण नीति से होंगे एडमिशन
इन बालिका सैनिक स्कूलों में प्रवेश केंद्र सरकार के सैनिक स्कूलों की तर्ज पर होगा, लेकिन राज्य सरकार की आरक्षण नीति को लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए राज्य सरकार से अंतिम स्वीकृति मांगी है।
आरक्षण की अंतिम सीमा तय होने के बाद ही चयन परीक्षा का परिणाम और प्रवेश सूची जारी की जाएगी।
बीकानेर और सीकर में शुरू होंगे पहले दो स्कूल
राज्य सरकार की बजट घोषणा 2024-25 के तहत राजस्थान में—
बीकानेर
सीकर
में दो नए सरकारी बालिका सैनिक स्कूल शुरू किए जा रहे हैं। वर्तमान में झुंझुनूं और चित्तौड़गढ़ में सैनिक स्कूल को-एड (बालक-बालिका) हैं, जो केंद्र सरकार के अधीन संचालित होते हैं।
बीकानेर: जयमलसर में खुलेगा रामीदेवी राठी बालिका सैनिक स्कूल
बीकानेर जिले के जयमलसर गांव में स्थित रामीदेवी रामनारायण राठी बालिका सैनिक स्कूल में चयन परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। यह स्कूल भामाशाह पूनमचंद राठी द्वारा निर्मित कराया गया है।
स्कूल परिसर लगभग 20 बीघा भूमि में विकसित
छात्राओं के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध
कक्षा-कक्ष और हॉल बनकर तैयार
शिक्षकों के आवासीय क्वार्टर निर्माणाधीन
सीकर: महाराव शेखाजी बालिका सैनिक स्कूल
दूसरा स्कूल सीकर जिले के रलावता गांव में ‘महाराव शेखाजी बालिका सैनिक स्कूल’ के नाम से शुरू किया जा रहा है। दोनों स्कूलों में मिलाकर कुल 160 छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा।
8 मार्च को होगी चयन परीक्षा
बालिका सैनिक स्कूलों में प्रवेश के लिए—
ऑनलाइन आवेदन: 12 जनवरी से 28 जनवरी 2026
आवेदन में सुधार: 1 से 5 फरवरी 2026
चयन परीक्षा: 8 मार्च 2026
परीक्षा केंद्र: सभी जिला मुख्यालय
नया सत्र शुरू: 1 जुलाई 2026
पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली सरकारी और निजी स्कूलों की छात्राएं इस परीक्षा के लिए पात्र थीं।
यदि आवेदन में परीक्षा माध्यम, जिला, स्थायी पता या जाति वर्ग से संबंधित कोई गलती रह गई है, तो शाला दर्पण पोर्टल पर बालिका सैनिक स्कूल मॉड्यूल के माध्यम से 5 फरवरी तक सुधार किया जा सकता है।
अगले सत्र में सात और बालिका सैनिक स्कूल खोलने की तैयारी
राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगले सत्र से सात और बालिका सैनिक स्कूल शुरू किए जाएंगे। इनकी स्थापना प्रदेश के सभी सात संभाग मुख्यालयों पर करने की योजना है।
सरकारी स्तर पर इसकी तैयारियां चल रही हैं और आने वाले वर्षों में हर संभाग में एक बालिका सैनिक स्कूल खोलने की संभावना जताई जा रही है।


