राजस्थान के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए एक अहम और सकारात्मक फैसला सामने आया है, जो राज्य में खेलों के विकास को नई दिशा दे सकता है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी ने राज्य के सभी आयु वर्ग के पुरुष और महिला क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए ट्रैवल अलाउंस (TA) और डेली अलाउंस (DA) में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह फैसला मौजूदा सत्र से ही लागू किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को तुरंत इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
एडहॉक कमेटी के सदस्य अरिष्ट सिंघवी के अनुसार, यह निर्णय कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव और अन्य सदस्यों धनंजय सिंह खींवसर, आशीष तिवाड़ी और अर्जुन मेघवाल की सर्वसम्मति से लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे खेल में अधिक समर्पण और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
खिलाड़ियों के लिए TA-DA में बढ़ोतरी लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मांग रही थी, क्योंकि घरेलू क्रिकेट खेलने के दौरान खिलाड़ियों को यात्रा और रहने से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह खर्च एक बड़ी बाधा बन जाता था। ऐसे में इस फैसले से खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी और वे अपनी पूरी ऊर्जा खेल पर केंद्रित कर सकेंगे।
इसके साथ ही एडहॉक कमेटी ने आगामी घरेलू क्रिकेट सत्र 2026-27 के लिए प्रतियोगिताओं के फॉर्मेट में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य खिलाड़ियों को अधिक अवसर देना और उन्हें विभिन्न परिस्थितियों में खेलने का अनुभव प्रदान करना है। नई व्यवस्था के तहत राज्य स्तरीय सीनियर महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के लीग मैच अब T20 फॉर्मेट में खेले जाएंगे, जबकि नॉकआउट मुकाबले एकदिवसीय प्रारूप में आयोजित किए जाएंगे। पहले यह पूरी प्रतियोगिता केवल T20 फॉर्मेट में होती थी, लेकिन अब नॉकआउट चरण में लंबे प्रारूप को शामिल करने से खिलाड़ियों को अपनी तकनीकी क्षमता और धैर्य का प्रदर्शन करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
इसी तरह अंडर-16 आयु वर्ग की प्रतियोगिता को पूरी तरह मल्टी-डे फॉर्मेट में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। यह बदलाव खासतौर पर युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया है। मल्टी-डे क्रिकेट खिलाड़ियों को लंबी पारियां खेलने, रणनीति बनाने और मानसिक मजबूती विकसित करने का अवसर देता है, जो भविष्य में उच्च स्तर के क्रिकेट के लिए बेहद जरूरी होता है।
अंडर-14 प्रतियोगिता के लिए हाइब्रिड फॉर्मेट अपनाया गया है, जिसमें लीग मैच एकदिवसीय प्रारूप में खेले जाएंगे, जबकि नॉकआउट मुकाबले मल्टी-डे फॉर्मेट में होंगे। इस मिश्रित प्रारूप का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अलग-अलग प्रकार के खेल प्रारूपों से परिचित कराना है, जिससे उनका समग्र विकास हो सके। यह पहल उन्हें शुरुआती स्तर पर ही विविध परिस्थितियों में खेलने का अनुभव प्रदान करेगी।
आरसीए एडहॉक कमेटी ने प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया है। अब तक राज्य स्तरीय क्रिकेट मुकाबले मुख्य रूप से एक या दो जिलों तक सीमित रहते थे, जिससे कई खिलाड़ियों को अपने ही क्षेत्र में खेलने का अवसर नहीं मिल पाता था। नई व्यवस्था के तहत अब विभिन्न जिलों में उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार मैच आयोजित किए जाएंगे। इससे जिला क्रिकेट संघों की भागीदारी बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपने नजदीकी स्थान पर खेलने का मौका मिलेगा।
यह निर्णय विशेष रूप से उन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जो संसाधनों की कमी के कारण बड़े शहरों तक नहीं पहुंच पाते थे। अब उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर मंच मिलेगा, जहां वे अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे और चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित कर सकेंगे। इससे राज्य में क्रिकेट प्रतिभाओं का दायरा भी बढ़ेगा और नई प्रतिभाओं को उभरने का मौका मिलेगा।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले राज्य में क्रिकेट के स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करेंगे। खिलाड़ियों को बेहतर आर्थिक सहायता और विविध फॉर्मेट में खेलने का अवसर मिलने से उनकी कौशल क्षमता में सुधार होगा। साथ ही, जिला स्तर पर प्रतियोगिताओं के विस्तार से खेल का दायरा बढ़ेगा और अधिक से अधिक युवा इस खेल से जुड़ पाएंगे।


