मनीषा शर्मा। जयपुर–आगरा नेशनल हाईवे-21 पर यात्रियों की सुरक्षा और यातायात को सुचारु बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 10 नए फ्लाईओवरों के निर्माण का निर्णय लिया है। एनएचएआई ने 286.25 करोड़ रुपये की लागत से इन फ्लाईओवरों के निर्माण के वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं। इन फ्लाईओवरों का निर्माण जयपुर से महवा के बीच चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स पर किया जाएगा, जहां अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रही हैं।
इन दस में से सबसे ज्यादा सात फ्लाईओवर दौसा जिले में बनाए जाएंगे। दौसा में इन फ्लाईओवरों के लिए भूमि अधिग्रहण की कोई आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि इन स्थानों की जमीन पहले से ही अधिगृहित है। वहीं, शेष फ्लाईओवर जयपुर और भरतपुर मार्ग पर तैयार होंगे।
वर्तमान में जयपुर–आगरा नेशनल हाईवे पर 12 छोटे-बड़े फ्लाईओवर पहले से बने हुए हैं, जिनकी लंबाई 300 से 400 मीटर तक है। अब जिन स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, वहां प्राथमिकता के आधार पर 9 नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
हादसे रोकने की बड़ी पहल
जयपुर से भरतपुर तक करीब 183 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर प्रतिदिन लगभग 17 हजार वाहनों का आवागमन होता है। शहरों और कस्बों की क्रॉसिंग पर पिछले तीन वर्षों में 293 सड़क हादसे दर्ज हुए हैं, जिनमें 234 लोगों की जान जा चुकी है और 474 से अधिक लोग घायल हुए हैं। लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए एनएचएआई ने इन स्थानों पर फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया ताकि यातायात सुगम हो और हादसों में कमी लाई जा सके।
इन स्थानों पर बनेंगे फ्लाईओवर
एनएचएआई द्वारा जारी सूची के अनुसार फ्लाईओवर निम्न स्थानों पर बनाए जाएंगे—
दौसा कलेक्ट्रेट चौराहा और तिवाड़ी अस्पताल के पास 1706 मीटर लंबा फ्लाईओवर
पुलिस लाइन चौराहा पर 1200 मीटर
मेहंदीपुर बालाजी मोड़ पर 870 मीटर
मानपुर चौराहा पर 860 मीटर
जीरोता मोड़ पर 1190 मीटर
जयपुर के बांसखोह फाटक पर 1020 मीटर
बस्सी चक पर 965 मीटर
कानोता बस स्टैंड पर 730 मीटर लंबा फ्लाईओवर
इसके अलावा सिकंदरा चौराहा पर 815 मीटर लंबा फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा, जिस पर 34.57 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अंडरपास और सर्विस रोड की भी योजना
फ्लाईओवरों के साथ ही अंडरपास और सर्विस रोड भी विकसित की जाएंगी। पुलिस लाइन चौराहा फ्लाईओवर के नीचे 70 मीटर चौड़ी अंडरपास बनेगी, जो सबसे बड़ी होगी, जबकि कानोता बस स्टैंड के नीचे 40 मीटर की अंडरपास बनाई जाएगी। अन्य फ्लाईओवरों के नीचे 60 मीटर चौड़ी अंडरपास होंगी।
सिकंदरा फ्लाईओवर के दोनों ओर 7.5 मीटर चौड़ी सीमेंटेड सर्विस रोड और नालों का भी निर्माण किया जाएगा। साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए रंबल स्ट्रिप्स, टीबीएम और साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, इन फ्लाईओवरों का निर्माण कार्य इसी माह से शुरू कर दिया जाएगा।


