मनीषा शर्मा। राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से प्रारंभ होने जा रहा है। सत्र को लेकर सरकार ने फ्लोर मैनेजमेंट की व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित वरिष्ठ मंत्रियों पर सदन के संचालन और रणनीति की जिम्मेदारी होगी।
पटेल ने बताया कि सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि केंद्र सरकार का बजट 1 फरवरी को आने के कारण राज्य का बजट संभावित रूप से 11 फरवरी को पेश किया जा सकता है।
“सरकार इनोवेटिव बजट पेश करेगी”
एनडीटीवी से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार इस बार ऐसा बजट लाने जा रही है जो नवाचार और व्यापक हितों पर आधारित होगा।
उनके अनुसार—
सरकार का लक्ष्य आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करते हुए हर वर्ग तक विकास के अवसर पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित राजस्थान की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने का रोडमैप तय करेगा।
विपक्ष पर मंत्री का बड़ा बयान
जोगाराम पटेल ने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा कि आलोचना और चर्चा लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन यह सार्थक और रचनात्मक होनी चाहिए।
उन्होंने साफ कहा कि यदि विपक्ष अनावश्यक हंगामा करता है, तो सत्ता पक्ष भी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगा। पिछले सत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि तब विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया था। हालांकि इस बार सरकार को उम्मीद है कि विपक्ष संवाद और सहयोग की भावना के साथ बैठक में शामिल होगा।
विधायी कामकाज पर बड़ा संकेत
मंत्री ने बताया कि बजट के साथ ही सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी कामकाज भी प्रस्तावित हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रॉपर्टी से जुड़े नए कानून पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह कानून संपत्ति विवादों, स्वामित्व के मामलों और रजिस्ट्री प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
इसके साथ-साथ पंचायत और निकाय चुनावों में दो बच्चों की बाध्यता से जुड़े प्रावधानों पर भी पुनर्विचार चल रहा है। सरकार का मानना है कि सामाजिक परिस्थितियों और बदलती नीतिगत जरूरतों को देखते हुए इन प्रावधानों पर नई दृष्टि से चर्चा जरूरी है।
फ्लोर मैनेजमेंट पर सख्त रणनीति
इस बार सरकार ने सदन के संचालन के लिए पहले से ही स्पष्ट रणनीति तैयार की है। फ्लोर मैनेजमेंट की जिम्मेदारी वरिष्ठ मंत्रियों के साथ साझा की गई है ताकि हर महत्वपूर्ण विषय पर व्यवस्थित चर्चा हो सके और सत्र सुचारू तरीके से आगे बढ़े।
बजट सत्र से बढ़ीं उम्मीदें
सत्र शुरू होने से पहले सरकार के बयानों से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में—
• विकास परियोजनाएँ गति पकड़ सकती हैं
• बुनियादी ढाँचे को लेकर बड़े फैसले संभव हैं
• आमजन से जुड़े कानूनों में बदलाव देखने को मिल सकता है
राज्य के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र नीतियों और कानूनों के लिहाज़ से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।


