राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में नशे की तस्करी से जुड़े मामले लगातार सामने आते रहते हैं, लेकिन पुलिस भी तस्करों पर कड़ी नजर बनाए हुए है। इसी क्रम में जिले के अरनोद थाना क्षेत्र से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्करी का बेहद अनोखा तरीका उजागर किया है। यह मामला इसलिए भी खास है, क्योंकि तस्कर ब्राउन शुगर को चप्पलों के अंदर छुपाकर सप्लाई कर रहे थे, ताकि किसी को शक न हो और पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत की गई नाकाबंदी
अरनोद थानाधिकारी शिवलाल ने बताया कि पुलिस टीम नोंगावा की ओर से आने वाले मार्ग पर नाकाबंदी कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पुलिस को संदिग्ध अवस्था में आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो दोनों युवक घबरा गए और भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि, पुलिस टीम की तत्परता और सतर्कता के चलते दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
शुरुआती तलाशी में नहीं मिला कुछ संदिग्ध
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक तलाशी में आरोपियों के पास से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। मोटरसाइकिल और उनके कपड़ों की जांच भी की गई, लेकिन शुरुआत में कुछ भी आपत्तिजनक सामने नहीं आया। इसके बाद पुलिस की नजर मोटरसाइकिल पर रखी चप्पलों पर पड़ी। सामान्य तौर पर चप्पलें शक के दायरे में नहीं आतीं, लेकिन पुलिस को पहले से अंदेशा था कि तस्कर नशा छुपाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
चप्पल काटते ही हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस ने जब चप्पलों की गहन जांच की और उन्हें काटकर देखा, तो अंदर का नजारा देखकर सभी चौंक गए। चप्पलों के भीतर प्लास्टिक की थैलियों में ब्राउन शुगर छुपाकर रखी गई थी। इतना ही नहीं, ब्राउन शुगर में मिलाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला केमिकल पाउडर भी चप्पलों के अंदर से बरामद हुआ। चप्पलों के बीच इस तरह से नशे को फिट किया गया था कि बिना काटे या तोड़े उसे पकड़ पाना लगभग नामुमकिन था।
35 लाख की ब्राउन शुगर और केमिकल पाउडर जब्त
पुलिस ने मौके से कुल 115 ग्राम ब्राउन शुगर और 116 ग्राम केमिकल पाउडर जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये आंकी जा रही है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से इसी तरीके से नशे की सप्लाई कर रहा था।
पूछताछ में सामने आया तस्करी का तरीका
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मुनाफा बढ़ाने के लिए ब्राउन शुगर में केमिकल पाउडर मिलाते थे। इससे नशे की मात्रा बढ़ जाती थी और ज्यादा कमाई होती थी। पहचान से बचने और पुलिस की जांच से बच निकलने के लिए वे ब्राउन शुगर को चप्पलों के अंदर छुपाकर सप्लाई करते थे। उनका मानना था कि चप्पलों पर कोई शक नहीं करेगा और वे आसानी से नशा एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकेंगे।
आरोपी कौन हैं
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवल्दी निवासी संजर खान और पडुनी निवासी गजराज दर्जी के रूप में की है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा और ब्राउन शुगर की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जा रही थी।
प्रतापगढ़ में नशे के खिलाफ सख्त रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतापगढ़ जिला नशा तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इसी वजह से लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पुलिस ने पहले भी कई बड़ी कार्रवाई की हैं और आगे भी नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नए तरीकों से तस्करी पुलिस के लिए चुनौती
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि नशा तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए कितने शातिर और नए तरीके अपना रहे हैं। चप्पलों के अंदर ब्राउन शुगर छुपाकर तस्करी करना पुलिस के लिए भी एक नई चुनौती थी। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से इस अनोखी तस्करी का पर्दाफाश हो सका। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे हर तरीके पर नजर रखी जाएगी और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम जारी रहेगा।


